mobile suicide case:बांदा के भवानीगंज में 35 वर्षीय युवक ने मोबाइल के लिए दादी से 30 हजार रुपये मांगे। डांट मिलने पर वह आहत हो गया और कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
बांदा जिले के कस्बा भवानीगंज, नहर पट्टी क्षेत्र में मोबाइल फोन को लेकर शुरू हुआ एक मामूली सा विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि उसने एक युवक की जान ले ली। जानकारी के अनुसार 35 वर्षीय प्रमोद उर्फ पिंटू अपने घर में दादी के साथ रहता था। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से नया मोबाइल खरीदने की जिद कर रहा था और इसके लिए वह परिवार पर दबाव भी बना रहा था। इसी बात को लेकर पिछले कई दिनों से घर में तनाव का माहौल बना हुआ था। परिजनों के अनुसार छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा बढ़ता जा रहा था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह विवाद इतना बड़ा रूप ले लेगा कि युवक को अपनी जिंदगी खत्म करने जैसा कदम उठाना पड़ेगा।
घटना वाले दिन प्रमोद ने अपनी दादी कृष्णा देवी से नया मोबाइल खरीदने के लिए 30 हजार रुपये की मांग की। बताया गया कि यह मांग पहले भी कई बार की जा चुकी थी, जिससे घर में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। गुरुवार दोपहर जब युवक ने फिर से पैसे मांगे तो दादी ने उसे समझाने के साथ डांट दिया। इसी बात से वह काफी आहत हो गया और गुस्से में कमरे में चला गया। परिजनों के अनुसार दादी ने उसे समझाने की कोशिश भी की, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। लगातार चल रहे इस तनावपूर्ण माहौल ने परिवार को मानसिक रूप से भी परेशान कर दिया था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह विवाद इतना गंभीर परिणाम ले सकता है।
दादी से झगड़े के बाद प्रमोद कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। बताया जा रहा है कि इसके बाद वह काफी देर तक बाहर नहीं आया। परिवार के लोग उसे आवाज देते रहे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। शुक्रवार सुबह तक जब दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने भी दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। अंततः दरवाजा तोड़कर जब पुलिस अंदर पहुंची तो देखा कि युवक फंदे से लटका हुआ था। इस देखकर परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में घटना से सनसनी फैल गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाप्रभारी संजीव कुमार चौबे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। वहीं परिवार का कहना है कि प्रमोद बचपन से ही दादी के साथ रह रहा था, क्योंकि कम उम्र में ही उसके माता-पिता का निधन हो गया था। दादी कृष्णा देवी ने ही उसे पाल-पोसकर बड़ा किया था।