Sambhal Violence: संभल की शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने पलटवार किया है।
Sambhal Violence: बांदा दौरे पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने गुरुवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। संविधान व व्यवस्था के खिलाफ बयान देना उनकी आदत बन गई है।
राजभर ने कहा कि मस्जिद सर्वे न्यायालय के आदेश पर हुआ, लेकिन हालिया उपचुनाव परिणामों से सपा बुरी तरह विचलित हो गई है। उन्होंने सपा पर आरोप लगाया कि अपनी हताशा निकालने के लिए पार्टी ने एक गहरी साजिश रची है।
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने संभल की घटना पर सपा को आड़े हाथों लिया। कहा कि वहां पार्टी के सांसद और विधायक के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है, जो अब किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक वर्ग को भड़काकर समाज को बांटने की कोशिश की गई, और इसी प्रतिस्पर्धा का नतीजा संभल की घटना है। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को इस मुद्दे पर राजनीति करने का मौका मिल गया है, इसलिए वह इसे बार-बार उठाकर दोहरा रहे हैं।
अनिल राजभर ने अखिलेश यादव की ओर से यूपी पुलिस पर लगाए गए आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। अनिल राजभर ने कहा, "सपा की ओर से सेना और पुलिस के मनोबल को तोड़ने की कोशिश पहली बार नहीं की गई है। यूपी की जनता ने योगी आदित्यनाथ की सरकार को खुलकर समर्थन दिया है, और इसी कारण विपक्ष की किसी भी टिप्पणी का सरकार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। हमारी प्राथमिकता राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करना है, और जनता के सहयोग से हम इसे लागू करने में सफल हो रहे हैं। सपा का विकास के क्षेत्र में कोई योगदान नहीं है, इसलिए उन्हें प्रदेश की बदनामी करने की बजाय अपनी स्थिति सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।"
विपक्ष द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक की समीक्षा के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठक का बहिष्कार किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल राजभर कहा, "विपक्ष के पास अब इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है। काशी के दशकों पुराने उदय प्रताप कॉलेज को वक्फ बोर्ड अपनी संपत्ति बताने का दावा कर रहा है, ऐसे दावों को समाप्त किया जाना चाहिए। हम केंद्र सरकार द्वारा वक्फ बोर्ड के खिलाफ उठाए गए कदमों का स्वागत करते हैं और प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हैं।"