जांच के दौरान बंदरों की अन्ननली और आंतों में चावल पाया गया, जबकि उनके मुंह और गर्दन के हिस्से नीले पड़ते दिखाई दिए, जिससे सड़े-गले बचे हुए भोजन के सेवन से जहर खाने की संभावना मजबूत हुई है।
तुमकुरु Tumkuru जिले के एक वन क्षेत्र में पिछले दो दिनों के दौरान दो लंगूर सहित कुल 11 बंदर मृत 11 monkeys, including two langurs, have died पाए गए हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, तुमकुरु तालुक के देवरायणदुर्ग-दुर्गदहल्ली वन क्षेत्र में 200 से 500 मीटर के दायरे में नौ बंदरों और दो लंगूरों के शव बिखरे हुए मिले। मामले की जानकारी सामने आने के बाद वन विभाग के अधिकारी शुक्रवार शाम मौके पर पहुंचे थे, जबकि शनिवार सुबह फिर से कुछ और बंदर मृत पाए गए। वरिष्ठ वन अधिकारी ने बताया कि मृत बंदरों का पोस्टमार्टम किया गया है और प्रारंभिक जांच में फूड पॉइजनिंग (खाद्य विषाक्तता) की आशंका जताई गई है। जांच के दौरान बंदरों की अन्ननली और आंतों में चावल पाया गया, जबकि उनके मुंह और गर्दन के हिस्से नीले पड़ते दिखाई दिए, जिससे सड़े-गले बचे हुए भोजन के सेवन से जहर खाने की संभावना मजबूत हुई है।
हालांकि, अधिकारियों ने किसी भी संक्रामक बीमारी के तत्काल लक्षणों से इनकार किया है और कहा है कि मौत का सही कारण प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मृत बंदरों के विसरा नमूने जांच के लिए बेंगलूरु की प्रयोगशाला और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) भेजे गए हैं।अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
उल्लेखनीय है कि राज्य में असामान्य वन्यजीव मौतों का सिलसिला जारी है। बीते वर्ष अगस्त में राज्य के चामराजनगर जिले के एमएम हिल्स वन्यजीव अभयारण्य में पांच बाघों की नृशंस हत्या के एक महीने बाद तुमकुरु के एक गांव में रहस्यमय परिस्थितियों में 20 मोर मृत मिले थे। वन अधिकारियों के अनुसार, यह घटना तुमकुरु के मधुगिरी तालुक के मिदिगेशी होबली के हनुमंतपुर गांव की थी। चामराजनगर जिले के गुंडलपेट तालुक में कंडेगल के पास दो जुलाई को 20 बंदर मृत मिले थे। कंडेगल-कूडासोगे रोड पर दो बारियों में इनके शव बरामद हुए थे।