बैंगलोर

मानव मिशन का लक्ष्य सामने है तो प्रगति होगी

पूर्व इसरो अध्यक्ष किरण कुमार बोले...

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Sep 07, 2018
मानव मिशन का लक्ष्य सामने है तो प्रगति होगी

बेंगलूरु. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के पूर्व अध्यक्ष एएस किरण कुमार ने कहा कि अगर भारत वर्ष 2022 में मानव मिशन को पूरा करने का लक्ष्य लेकर चलेगा तो उसमें सफलता मिल सकती है। बेंगलूरु अंतरिक्ष प्रदर्शनी के अवसर पर पत्रिका के साथ विशेष बातचीत में किरण कुमार ने कहा कि जरूरत इस बात की है किसी भी मिशन को एक समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखें। इससे मिशन में प्रगति होती है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक मानव मिशन का लक्ष्य रखा है इससे सभी उस दिशा में काम करेंगे। अगर लक्ष्य नहीं रखा जाए तो मिशन में विलंब होता है इसलिए 4 साल के सीमित समय में भी यह मिशन पूरा किया जा सकता है।

अंतरिक्ष प्रदर्शनी से उम्मीदें
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां निजी क्षेत्र का सहयोग लेकर इसरो अपनी क्षमता का अधिकतम उपयोग कर सकता है और इससे वैश्विक कारोबार में भागीदारी बढ़ाई जा सकती है। हिंदुस्तान को विश्व में अंतरिक्ष गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाया जा सकता है। वैश्विक कारोबार में भागीदारी बढ़ाने के लिए जो प्रक्रियाएं जरूरी है उसे ध्यान में रखते हुए इस प्रदर्शनी में जैसी पहल की गई है उसे एक अच्छी शुरुआत कहेंगे। निजी क्षेत्र की भागीदारी से एक तो देश का काम आगे बढ़ेगा वहीं वैश्विक अंतरिक्ष कारोबार में हमारी हिस्सेदारी भी बढ़ेगी और देश को आर्थिक लाभ होगा। इस दिशा में यहां जो भी काम हो रहा है वह देश को आगे ले जाएगा।

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निजीकरण की आशंकाएं गलत
इसरो के निजीकरण की आशंकाएं सही नहीं है। क्योंकि, इसरो का बहुत सारा काम अभी भी इंडस्ट्री के जरिए ही होता है। आने वाले दिनों में अपनी जरूरतों के लिए जितने उपग्रह चाहिए उसमें अभी काफी कमी है। फिलहाल देश के पास 45 उपग्रह ऑपरेशनल हैं जबकि जरूरतें दोगुनी से अधिक है। अगर इन जरूरतों को पूरा करना है तो ज्यादा काम करना होगा। इसरो एक सरकारी एजेंसी है इसलिए वहां मानव शक्ति बहुत ज्यादा नहीं बढ़ाई जा सकती। इसलिए यह काम उद्योग जगत से कराना होगा। इसके साथ ही अगर वैश्विक कारोबार का कुछ हिस्सा देश में ला सके तो यह देश के लिए बहुत अच्छी बात होगी। यह जो आशंकाएं हैं कि इसरो का निजीकरण हो जाएगा यह गलत है। इसरो का काम अंतरिक्ष तकनीक का उपयोग करते हुए सामाज का विकास करना है जो वह करता रहेगा। इसके लिए जो क्षमता चाहिए उसे अगर इंडस्ट्री में तब्दील करेंगे तभी देश आगे जाएगा।

Published on:
07 Sept 2018 12:47 am
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