
बेंगलूरु. सिटी स्थानक में डॉ. समकित मुनि ने भगवान महावीर निर्वाण कल्याणक के उपलक्ष्य में निर्वाण तथा लब्धि के भंडार गौतम स्वामी के केवलज्ञान की कथा का वांचन किया।
उन्होंने कहा कि जीव जितना आयुष्य कर्म बांधकर आया है उतना भोगना ही पनड़ता है। कोई भी अपना आयुष्य पलभर के लिए भी नहीं बढ़ा सकता।
गौतम स्वामी एक ऐसे साधक हैं, जिनका नाम श्रद्धा से एक बार लेने मात्र से हर प्रकार की अंतराय स्वत: ही दूर हो जाती है। इसलिए किसी भी कार्य को करने से पहले गौतम स्वामी का नाम लेते हैं तो हर कार्य में सफलता हाथ लगती है।
शास्त्रों में भी सुधर्मा स्वामी ने गौतम स्वामी को सर्वज्ञाता बताया है। उन्होंने आह्वान किसा कि प्रतिदिन एदि 27 बार गौतम स्वामी का जाप करें तो जीवन में सुख, समृद्धि रहती है, कभी भी किसी प्रकार की कमी नहीं आती।
प्रवचन के बाद मुनि ने नववर्ष का मंगलमय महामंगलपाठ सुनाया। संचालन सुशील कुमार नंदावत ने किया।