बैंगलोर

सीआइडी को सौंपी जा सकती है बल्लारी हिंसक झड़प मामले की जांच

बैनर लगाने को लेकर यह हिंसक झड़प गंगावती के भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी और सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक नारा भरत रेड्डी के समर्थकों के बीच हुई थी। इसमें एक कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत हो गई। इस घटना में फायरिंग हुई, जिससे निजी हथियारों के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं।

2 min read
Jan 05, 2026
file photo

- गृह मंत्री परमेश्वर ने कहा, लाइसेंसी बंदूकधारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

कर्नाटक Karnataka सरकार बल्लारी हिंसक झड़प मामले की जांच अपराध अनुसंधान विभाग (सीआइडी) को सौंपने पर विचार कर रही है। इस झड़प में एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गाए।

यहां रविवार को संवाददाताओं से बात करते हुए गृह मंत्री डॉ जी. परमेश्वर ने कहा कि मामला सीआइडी को सौंपने पर विचार हो रहा है। बैनर लगाने को लेकर यह हिंसक झड़प गंगावती के भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी और सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक नारा भरत रेड्डी के समर्थकों के बीच हुई थी। इसमें एक कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत हो गई। इस घटना में फायरिंग हुई, जिससे निजी हथियारों के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं।

बैलिस्टिक विशेषज्ञ की रिपोर्ट से पता चलेगा कि किस बंदूक से गोली चलाई गई


परमेश्वर ने कहा कि निजी सुरक्षा के लिए रखे गए बंदूकधारियों की बंदूकें जब्त कर ली गई हैं। अब बैलिस्टिक विशेषज्ञ की रिपोर्ट से पता चलेगा कि किस बंदूक से गोली चलाई गई थी। उन्होंने फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के अधिकारियों से जांच रिपोर्ट देने को कहा है। प्रक्रिया जारी है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने उन्हें बताया था कि फायरिंग पुलिस की बंदूक से नहीं हुई थी। जब पूछा गया कि क्या मामला सीआइडी या विशेष जांच दल (एसआइटी) को सौंपा जाएगा, तो गृह मंत्री ने कहा कि इस विकल्प पर विचार किया जा रहा है। मामले को सीआइडी को सौंपने की संभावना है। इस बारे में वह मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या से बात करेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो ऐसा करेंगे।

दोनों तरफ से शिकायतें मिली हैं

बल्लारी में मार्च निकालने की भाजपा की घोषणा पर परमेश्वर ने कहा कि यह कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है, जो पुलिस करेगी। उन्होंने कहा कि अगर निजी बंदूकधारियों की संलिप्तता साबित होती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगर यह सामने आता है कि इसमें निजी बंदूकधारी शामिल हैं, तो कार्रवाई करनी होगी। दोनों तरफ से शिकायतें मिली हैं। पुलिस जांच करेगी कि बंदूकें या हैंड ग्रेनेड के इस्तेमाल किए गए थे या नहीं। परमेश्वर ने कहा कि शुरू में कोई हंगामा नहीं हुआ था। जब तक जनार्दन रेड्डी बल्लारी में नहीं आए, तब तक कोई हंगामा नहीं हुआ था। उसकी भी जांच करेंगे। इस बीच, पुलिस ने फायरिंग की घटना के सिलसिले में दो निजी बंदूकधारियों बलजीत सिंह और गुरुचरण सिंह को हिरासत में लिया है।

Published on:
05 Jan 2026 07:43 pm
Also Read
View All

अगली खबर