ऋण माफी से वित्तीय दबाव बढऩे पर ढांचागत विकास के फंड में कटौती की संभावना
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी राज्य का बजट पेश करने की तैयारी में लगे हैं, जिसमें मुख्य रूप से कृषि ऋण माफ करने की घोषणा की जा सकती है। सरकार की ऋण माफी की प्रस्तावित योजना ने बेंगलूरुवासियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऐसी आशंका है कि ऋण माफी के कारण खजाने पर जो वित्तीय दबाव बढ़ेगा, उससे शहर में गतिमान अथवा प्रस्तावित कई हजार करोड़ रुपए की लागत वाली ढांचागत विकास की परियोजनाएं प्रभावित होंगी।
शहरी और वित्त विशेषज्ञों का मानना है कि शहर में ढांचागत विकास की कई परियोजनाओं पर खर्च करने की जरूरत है। हालांकि अगर राज्य के खजाने पर वित्तीय दबाव बढ़ा तो सरकार कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिक रूप से लेगी और उन पर खर्च करेगी। इससे कई दीर्घलंबित परियोजनाएं और ज्यादा समय के लिए अटक जाएंगी। शहर में ढांचागत विकास की मुख्य परियोजनाओं में पॉड टैक्सी, सड़कों को व्हाइट टॉपिंग में बदलना (कंक्रीट सड़क), शरावती नदी का पानी शहर तक पहुंचाना आदि हैं। इन परियोजनाओं पर कई हजार करोड़ रुपए खर्च होने हैं।
शहर के सतत विकास के लिए जरूरी है कि बेंगलूरु से जुड़ी परियोजनाओं को वित्तीय व्यवधान से दूर रखा जाए। फ्लाइओवर, अंडरपास, ठोस कचरा प्रबंधन, मेट्रो और बीएमटीसी जैसे सार्वजनिक परिवहन का विस्तार, पेयजलापूर्ति एवं सीवेज व्यवस्था को उन्नत बनाने सहित कई परियोजनाओं पर गंभीर होने की जरूरत है। ऐसे में बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) और बेंगलूरु जलापूर्ति एवं मल जल निकासी बोर्ड (बीडब्ल्यूएसएसबी) जैसी नागरिक निकाय एजेंसियों के निधि आवंटन में देरी होने से शहर की मूलभूत सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं। बीबीएमपी और बीडब्ल्यूएसएसबी के वित्तीय प्रबंधन का एक बड़ा हिस्सा राज्य सरकार के खजाने से आता है। ऐसे में सरकार को बजट पेश करने के दौरान इन चीजों को ध्यान में रखना चाहिए।
नए वैश्विक वित्तीय संस्थानों से लें मदद
विशेषज्ञों का सुझाव है कि करीब 50 हजार करोड़ रुपए के कृषि ऋण को माफी करने स्थिति में राज्य के खजाने पर जो भार बढ़ेगा उसका खामियाजा बेंगलूरु को न भुगतना पड़े इसके लिए कुछ वैकल्पिक उपाय अपनाने की जरुरत है। राज्य सरकार को चाहिए कि वह बेंगलूरु में ढांचागत विकास की परियोजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक (एआइआइबी) और न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) जैसी नई वित्तीय संस्थाओं से ऋण के लिए सम्पर्क करे। एआइआइबी और एनडीबी जैसे वित्तीय संस्थान का बेंगलूरु में अब तक कोई उपयोग नहीं किया गया है जबकि दीर्घावधि की परियोजनाओं के लिए इनसे ऋण हासिल किया जा सकता है।