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अब सांसों पर पत्थरों का पहरा, देखें सेहत पर कैसे भारी पडे सरकार के ये पत्थर

जबाव में जनता ने ऐसा सुनाया कि एमपी-एमएलए ने भी दबे पैर निकलना मुनासिब समझा

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jaipur

अब सांसों पर पत्थरों का पहरा, देखें सेहत पर कैसे भारी पडे सरकार के ये पत्थर

जयपुर. सजावट के नाम पर उद्यानों में पत्थरों का जाल फैलाकर हरियाली खत्म करने के मामले में अब लोगों का विरोध तेज हो गया है। चारदीवारी में कृष्णा सर्किट प्रोजेक्ट रूट का जायजा लेने बुधवार को पहुंचे सांसद, विधायकों को लोगों ने ऐसी खरीखोटी सुनाई कि एमपी—एमएलए ने भी यहां से दबे पैर निकलना मुनासिब समझा और लोगों के सामने इस तरह से अनजान बनते नजर आए जैसे उन्हें इस बात की जानकारी ही न हो।

यही नहीं जयनिवास उद्यान व पौंड्रिक उद्यान में लोगों ने सांसद रामचरण बोहरा, विधायक सुरेन्द्र पारीक, मोहनलाल गुप्ता व उपमहापौर मनोज भारद्वाज से उद्यानों की हरियाली लीलने की साजिश होने तक के आरोप लगा दिए। इस पर जनप्रतिनिधियों ने भी हैरानी जताई। स्थानीय विधायक सुरेन्द्र पारीक ने तो यहां तक कह दिया कि इतनी बदतर हालत हो गई, मगर इस काम की जानकारी न तो संबंधित सरकारी एजेंसी ने दी और न ही निगम ने बताया। साथ में स्मार्ट सिटी सीईओ सुरेश कुमार ओला भी थे।

यह है स्थिति
—जयनिवास उद्यान के एक हिस्से में तो आर्ट गैलेरी तक बना डाली। बीचों-बीच बड़ा ढांचा तैयार किया जा रहा है।
—पाथ-वे को नया रूप देने के लिए पत्थरों का जाल बिछा दिया।
—ट्री गार्ड तक पत्थर के बना दिए गए।

यदि यही हकीकत तो मामला है गंभीर
निगम और संबंधित अफसरों ने सांसद और स्थानीय विधायक से इस संबंध में विचार विमर्श किए बिना ही लाखों के काम कर दिए। खुद स्थानीय विधायक ने इस बात को माना है। यदि विधायक की ये बात सही है तो यह एक गंभीर मामला है। अत: इस बात की पूरी जांच होनी चाहिए कि जनता की सेहत से जुडे इन स्थानों पर इस तरह के फैसले आखिर किसकी सहमति से लिए जाते हैं। कहीं बजट को ठिकाने लगाना, इनका एक मकसद तो नहीं?

संभले और फिर बुलाई बैठक
मामला बढ़ता देख जनप्रतिनिधि संभले और संबंधित सभी सरकारी एजेंसियों की बैठक जुलाई के पहले सप्ताह में बुलाने के लिए कहा। बैठक में आरटीडीसी, नगर निगम के अधिकारी शामिल होंगे।

विकास कार्य से जुड़े जो भी काम हो, वे सभी के समन्वय से होने चाहिए। जिससे बेहतर काम हो सके, न कि उस पर सवाल उठे।
—मनोज भारद्वाज, उपमहापौर

पत्थर लगाने का काम गलत हो रहा है। विभागों के अधिकारियों को बुलाया है, ताकि हरियाली खत्म नहीं हो। जनभावना के अनुरूप काम होगा।
—सुरेन्द्र पारीक, स्थानीय विधायक