
योगेश शर्मा
बेंगलूरु. शहर में आम लोगों को किराए पर साइकिल उपलब्ध कराने की योजना अब तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। बीबीएमपी की योजना केवल दो क्षेत्रों तक ही सीमित होकर रह गई है। इसके चलते आम लोग इससे लाभान्वित नहीं हो पा रहा है। बीबीएमपी की इको फ्रेंडली यातायात के साथ आसपास के इलाकों से अपने विभिन्न कामों के लिए शहर आने वाले लोगों को सस्ता साधन उपलब्ध कराने की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में है।
कब्बन पार्क में केवल रविवार को
कब्बन पार्क में केवल रविवार को ही साइकिल उपलब्ध कराई जाती हैं। यहां कोई भी महिला, पुरुष व बच्चे अपना आधार कार्ड दिखाने के बाद रजिस्टे्रशन कराकर साइकिल प्राप्त कर सकते हैं। यहां इस साइकिल का उपयोग केवल 20 मिनट के लिए किया जा सकता है। अरिकेरे, बन्नेरघट्टा रोड स्थित विजय साइकिल के हरि और प्रवीण ने बताया कि साइकिल बिल्कुल निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। वे प्रति रविवार को 50 रेसर साइकिल लेकर आते हैं। जो भी मांगता है, उसका आधार कार्ड रखने के बदले साइकिल दी जाती है। साइकिल जमा कराने के बाद आधार कार्ड लौटा दिया जाता है।
आते हैं परिवार सहित
चिकपेट निवासी अमृत पुरोहित ने बताया कि ये योजना तो अच्छी है। लेकिन सभी पार्क में शुरू की जाए तो लोगों को इसका लाभ ज्यादा से ज्यादा मिल सकता है। बीबीएमपी ने शहर के कई स्थानों से साइकिल उपलब्ध कराने की घोषणा तो की लेकिन अभी तक फलीभूत नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि वे प्रत्येक रविवार को अपनी बेटी, पत्नी व बहन के साथ कब्बन पार्क आते हैं और साइक्लिंग का लुत्फ उठाते हैं। उनका कहना है कि साइक्लिंग से जहां अच्छी एक्सरसाइज हो जाती है वहीं आनंद भी आता है।
संजय नगर में मिलती हैं साइकिल
वैसे ये योजना उत्तर बेंगलूरु के संजयनगर में आने वाले लोगों को प्रति घंटा की दर से साइकिल उपलब्ध कराई जाती हैं। किराए पर साइकिलें सार्वजनिक स्थानों जैसे मेट्रो स्टेशन, पार्क और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध करानी थी। ताकि मेट्रो उपयोगकर्ताओं को गंतव्य तक पहुंचने में आसानी हो। लेकिन अभी तक विधानसभा और कब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन पर साइकिल सुविधा शुरू नहीं की गई है। कब्बन पार्क में केवल रविवार को ही साइकिल उपलब्ध कराने की सुविधा है।
ऐसी थी योजना
साइकिल किराए पर लेने की सेवा सात मेट्रो स्टेशनों पर उपलब्ध होनी थी, जिसमें कब्बन पार्क, एमजी रोड, ट्रिनिटी, अलसूर, इंदिरानगर, सर एम विश्वेश्वरय्या मेट्रो स्टेशन और विधानसौधा शामिल हैं। अधिकारियों की मानें तो आठ निजी ऑपरेटरों ने साइकिल परियोजना में रुचि दिखाई थी। पहले चरण में शहर में 5,082 साइकिल चलाने की योजना थी।
बीबीएमपी और डीयूएलटी ने करीब 400 पार्किंग केंद्रों की पहचान की है, जिनमें मेट्रो स्टेशन, बस टर्मिनस, पार्क और अन्य सरकारी स्वामित्व वाली भूमि शामिल हैं। दो क्षेत्रों में 345 डॉकिंग स्टेशन की पहचान की है और सिफारिश की है कि 6 000 साइकिल पहले चरण में उपलब्ध कराई जाएं ताकि 28 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर किया जा सके। डल्ट ने शहर में सेवा करने के इच्छुक एक ऑपरेटर से कम से कम 500 साइकिल उपलब्ध कराने को कहा था। डल्ट ने साइकिलों के लिए कब्बन पार्क सहित कई स्थानों पर साइकिल स्टैंड भी बनाए थे।
ये हैं नियम
* साइकिल चालकों को हेलमेट लगाना अनिवार्य किया गया है। ये हेलमेट भी साइकिल उपलब्ध कराने वाला एजेंट किराए पर देगा।
* साइकिल चलाने के दौरान कोई भी चालक पोर्टेबल म्यूजिक प्लेयर का उपयोग नहीं कर सकेगा।
ये है उद्द्येश्य
* बाहर से आने वाले व्यक्ति को गंतव्य तक आसानी से पहुंच सुनिश्चित करने के लिए इको फे्रंडली साइकिल सेवा शुरू की थी।
* भीड़-भाड़ वाले यातायात से निकलना आसान, स्वास्थ्य के लिए लाभदायक।
* ध्वनि और वायु प्रदूषण से मुक्ति, पार्क करने में भी आसानी।