18 जून 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

श्रद्धालुओं ने किए परमात्मा की लीलाओं के दर्शन

दीक्षा कल्याण का वरघोड़ा सुबह 8.30 बजे से निकला

2 min read
Google source verification
siddhachal

श्रद्धालुओं ने किए परमात्मा की लीलाओं के दर्शन

बेंगलूरु. नेहरूनगर शांतिनाथ जिनालय प्रतिष्ठा उत्सव में आचार्य चंद्रयश सूरीश्वर व प्रवर्तक प्रवर कलापूर्ण विजय की निश्रा में शुक्रवार को परमात्मा का विवाह प्रसंग दर्शाया गया। पंच कल्याणक उत्सव में प्रियंवदा दासी द्वारा जन्म बधाई। भुआ भुओसा द्वारा प्रभु का नामकरण, परमात्मा का पाठशाला गमन, प्रभु की बारात का आगमन और उसके बाद परमात्मा का विवाह हुआ। शनिवार को दीक्षा कल्याण का वरघोड़ा सुबह 8.30 बजे से निकला। आचार्य ने कहा कि यह पंच कल्याणक उत्सव हमें साक्षात प्रभु जीवन की अनुभूति कराता है। परमात्मा के जीवन से जुड़ी अनेक रोमांचक घटनाओं का साक्षात्कार पंच कल्याणक उत्सव में होता है। विधि विधान सुरेंद्रभाई ने किया जबकि नरेंद्र वाणीगोता ने संगीत पेश किया।
--------
बीपीएल के लिए खिलाडिय़ों की नीलामी
बेंगलूरु. जेसीआइ बेंगलूरु गार्डन सिटी के जेसीराइट विंग द्वारा आयोजित होने वाले बैडमिंटन टूर्नामेंट 'विमल शहनाज बैडमिंटन प्रीमियर लीगÓ के खिलाडिय़ों की नीलामी की गई। कार्यक्रम में 96 खिलाडिय़ों व 6 टीम मालिकों का परिचय करवाया गया। संचालन जेसीआइ अध्यक्ष मुकेश भंडारी, जेसीराइट अध्यक्ष रक्षा छाजेड़ ने किया।

---------
पाŸवनाथ की आराधना से मिलेगी सद्गति
मैसूरु. पाŸव वाटिका के आराधना भवन में धर्मसभा में जैनाचार्य विजय रत्नसेन सूरीश्वर ने कहा कि जिस जीवात्मा को जीवन में शांति, मरण में समाधि, परलोक में सद्गति और परंपरा से मुक्ति की अभिलाषा हो उसे शंखेश्वर पाŸवनाथ भगवान की आराधना करनी चाहिए।
पाŸवनाथ भगवान का मनन करते हुए आराधना करने से जीवन में आने वाले सभी विघ्नों का नाश होता है। बाबूलाल मुणोत ने बताया कि शनिवार को सुबह 8.30 बजे आचार्य आदिश्वर वाटिका के लिए प्रस्थान करेंगे।

-------

वाणी से होती है मनुष्य की पहचान
बेंगलूरु. अलसूर के महावीर भवन में जयधुरन्धर मुनि ने कहा कि व्यक्ति की पहचान उसकी वाणी से होती है। हित, मित, पथ्य, सत्य-युक्त वीतराग वाणी के श्रवण करने से साधक के बोलने का विवेक जागृत हो जाता है और जहां विवेक रूपी नेत्र खुल जाता है, वहां पाप कर्मों का बंध नहीं होता है। मुनि ने कहा कि बिना सोचे-विचारे बोले गए वचन सुनने वाले के हृदय पर घाव हो सकते हैं, जिसकी मरहम पट्टी नहीं की जा सकती। मुनिवृंद शनिवार को अलसूर से विहार कर येलगुंटपालयम जैन स्थानक पहुंचेंगे।