
प्रियदर्शन शर्मा
बेंगलूरु. शहर गांधीनगर विधानसभा क्षेत्र को कंाग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता है। वर्ष 1999 से लगातार चार बार जीते मौजूदा विधायक दिनेश गुंडूराव का इस बार भाजपा के एआर सप्तगिरि गौड़ा और जनता दल (ध) के वी. नारायणस्वामी से मुकाबला है। इसके अतिरिक्त नोटबंदी के बाद छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपए बरामद होने से सुर्खियों आए वी. नागराज निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में किस्मत आजमा रहे हैं। नागराज ने वर्ष 2004 में दिनेश को कड़ी टक्कर दी थी। चूंकि गांधीनगर उन विधानसभा क्षेत्रों में एक हैं जहां बड़ी संख्या में तमिलभाषी हैं, इसलिए अन्नाद्रमुक ने भी एम.पी. युवराज को उम्मीदवार बनाया है।
उत्तर भारतीय हिन्दी भाषी और तमिलभाषी मतदाताओं के निर्णायक भूमिका में होने के कारण सभी दलों और उम्मीदवारों ने चुनाव प्रचार में भाषाई सीमा को तोड़कर हर भाषा में प्रचार शुरू कर रखा है। चंूंकि दिनेश पिछले करीब दो दशक से क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं इसलिए सभी प्रतिद्वंद्वियों का मानना है कि दिनेश के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर है, जिसका फायदा उन्हें मिल सकता है।
दशकों से यथावत समस्याएं
गांधीनगर क्षेत्र के सभी सात वार्ड में समस्याएं एक जैसी हैं। बेतरतीब यातायात, अव्यवस्थित सफाई और कचरे का अंबार इस व्यावसायिक क्षेत्र की बेहद जटिल समस्याएं हैं। ओकलीपुरम और श्रीरामपुरम के झोंपड़पट्टी इलाकों में जलापूर्ति की समस्या और ढांचागत विकास की कमी से स्थिति नारकीय है।
नहीं निकला है जाम का निदान
गांधीनगर को बेंगलूरु का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है क्योंकि सिटी रेलवे स्टेशन, केएसआरटीसी और बीएमटीसी बस अड्डा तथा नम्मा मेट्रो का सबसे बड़ा स्टेशन भीइसी विधानसभा क्षेत्र में है। मैजेस्टिक के नाम से मशहूर इस बहुप्रकारीय परिवहन व्यवस्था वाले क्षेत्र में यातायात जाम और गंदगी दो जटिल समस्याएं हैं, लेकिन निराकरण नहीं निकल पा रहा है और ना ही पार्किंग की समस्या दूर हो रही है। फ्रीडम पार्क में मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण भी पिछले कई वर्षों से लटका हुआ है।
विकास के कई कार्य पूरे हुए: दिनेश
दिनेश ने कहा कि विकास के कई कार्य पूरे किए गए हैं। ओकलीपुरम जंक्शन में ट्रैफिक की समस्या दूर करने के लिए आठ लेन वाले फ्लाइओवर के पहले चरण का काम पूरा हो गया है और बहुत जल्द यह पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। ओकलीपुरम के झोंपड़पट्टी इलाके में नागरिक सुविधाओं को उन्नत करने के अतिरिक्त यहां के लोगों के पुनर्वास योजना के तहत हजारों मकान बनाए गए।
बदलाव चाहते हैं मतदाता: सप्तगिरि
पूर्व मंत्री रामचंद्र गौड़ा के बेटे सप्तगिरिगौड़ा भाजपा उम्मीदवार के रूप में पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र की जनता पिछले चार बार से दिनेश गुंडूराव पर भरोसा कर रही है, लेकिन विकास के मामले में गांधीनगर पिछड़ गया है। जनता इस बार बदलाव चाहती है।
विविधता का समागम स्थल
जैसे भारत की पहचान विविधता में एकता है, वैसे ही बेंगलूरु का गांधीनगर विधानसभा क्षेत्र भी विविधता का समागम स्थल है। एक समय में दो दर्जन से ज्यादा सिनेमाघर गांधीनगर में थे, जबकि कन्नड़ सिनेमा के सभी बड़े प्रोडक्शन हाउस के कार्यालय यहीं हुआ करते थे। उस समय सिनेमा का दूसरा नाम गांधीनगर था। चिकपेट से जुड़े कई बड़े बाजार भी गांधीनगर में आते हैं जबकि केजी रोड, एवेन्यू रोड, बीवीके अय्यंगार रोड, रेलवे स्टेशन आदि भीड़भाड़ वाले इलाके भी इसी विधानसभा क्षेत्र में हैं। अनुमानत: इस व्यावासिक क्षेत्र में हर दिन तीन से चार लाख लोग आते हैं और इसी अनुपात में लाखों वाहन गुजरते हैं।