ईश्वरप्पा ने कहा कि शिवकुमार का बयान स्वागतयोग्य है और अब उम्मीद की जानी चाहिए कि कांग्रेस समाज को बांटने की कोशिश नहीं करेगी
बेंगलूरु. वीरशैव और लिंगायत मसले पर शिवकुमार के बयान को भुनाने में जुट गई है। विजयदशमी के मौके पर प्रदेश भाजपा ने सोशल मीडिया पर शिवकुमार के बयान को उद्धृत करते हुए कहा कि कांग्रेस का मंत्र हमेशा हिंदू समुदाय को बांटना रहा है।
यह कांग्रेस का एकमात्र एजेंडा रहा है और सिद्धरामय्या भी ऐसा करने वाले एक एजेंट रही है। अब कांग्रेस के विधायक भी स्वीकार कर रहे हैं कि लिंगायतों को हिंदू धर्म से अलग करने की कोशिश पार्टी ने की थी। शिवमोग्गा में भाजपा के वरिष्ठ नेता के.एस. ईश्वरप्पा ने शिवकुमार के बयान को आत्म स्वीकारोक्ति बताते हुए कहा कि उन्होंने सच्चाई को स्वीकार है।
ईश्वरप्पा ने कहा कि कांग्रेस अपने प्रयास में विफल रही। ईश्वरप्पा ने कहा कि शिवकुमार का बयान स्वागतयोग्य है और अब उम्मीद की जानी चाहिए कि कांग्रेस समाज को बांटने की कोशिश नहीं करेगी।
उपचुनाव में शिवमोग्गा लोकसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी एस येड्डियूरप्पा के बेटे बी वाई राघवेंद्र ने कहा कि शिवकुमार के शब्द राजनीतिक प्रकृति के हो सकते हैं लेकिन उन्होंने सच्चाई को स्वीकार है। राघवेंद्र ने कहा कि धर्म के आधार पर लिंगायत समुदाय के बांटने के प्रयास का भाजपा और लोगों ने विरोध किया था। अब कम से कम कांग्रेस ने अपनी गलती स्वीकारी है।
उधर, अलग लिंगायत धर्म की समर्थक बसव पीठ की प्रमुख माते महादेवी ने शिवकुमार के बयान की अलोचना की है। उन्होंने कहा कि शिवकुमार को उस समय इस प्रस्ताव के विरोध में अपनी राय रखनी चाहिए थी तब यह पिछली सरकार के समय मंत्रिमंडल के विचार के लिए आया था। उन्होंने कहा कि उस सरकार में शिवकुमार भी मंत्री थे।
उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि शिवकुमार अब अपनी पार्टी के ही कुछ नेताओं को निशाना बनाने के लिए इस तरह का बयान दे रहे हैं। अगर उनके विचार इतने ही साफ थे तो उन्हें मंत्रिमंडल की बैठक में अपनी बात रखनी चाहिए थी।