बैंगलोर

3 लाख करोड़ के केंद्रीय अनुदान पर कांग्रेस-भाजपा में छिड़ी जंग

प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव और कृषि मंत्री कृष्णा बैरेगौड़ा ने कहा कि शाह दावा झूठ के सिवा कुछ भी नहीं है

3 min read
Feb 04, 2018

बेंगलूरु. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से एक दिन पहले शनिवार को सत्तारुढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के राज्य को केंद्रीय योजनाओं के तहत 3 लाख करोड़ रुपए का अनुदान देने के दावे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर छिड़ गया। नेताओं के बयानबाजी के बाद दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे को दावों के खारिज करने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया।
शहर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव और कृषि मंत्री कृष्णा बैरेगौड़ा ने कहा कि शाह दावा झूठ के सिवा कुछ भी नहीं है। दिनेश ने कहा कि भाजपा राज्य के लोगों को सिर्फ अधूरी सच्चाई ही बता रही है। भाजपा केंद्रीय अनुदान को मोदी सरकार की उदारता के तौर पर पेश कर रही है। भाजपा कहती है कि राज्य को जो मिला है वह मोदी सरकार का उपहार है लेकिन हकीकत में यह राज्य का अधिकार है। संवैधानिक तौर पर राज्य केंद्रीय अनुदान का हकदार है। दिनेश ने कहा कि शाह और भाजपा के दूसरे नेता दक्षिण में कमल को खिलाने के लिए जो हथकंडा अपना रहे हैं, वह औसत से कम दर्जे का है। दिनेश ने कहा कि राज्य की जनता देख चुकी है कि भाजपा का पांच का पहला पूर्ण बहुमत वाला शासन कैसा रहा था।
दोनों नेताओं ने कहा कि कहा कि शाह या मोदी प्रदेश के दौरे पर हमेशा ंयही झूठा दावा करते हैं कि केंद्र सरकार ने राज्य को तीन लाख करोड़ रुपए का अनुदान दिया है। वे इसका हिसाब देने की मांग करते है। केंद्र सरकार कर्नाटक को भीख नहीं दे रही है। प्रदेश मिलने वाले कर की राशि में से यह अनुदान दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि कर्नाटक की देश के आर्थिक विकास में बड़ी भूमिका रही है। इस कर राशि से ही केन्द्र सरकार गरीब राज्यों को अनुदान जारी करती है। मोदी और शाह को रविवार को यहां परिवर्तन रैली के समापन समारोह में स्पष्टीकरण देना चाहिए कि जो अनुदान लंबित है, उसे कब जारी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अनुदान के बारे में सवाल करने का अधिकार केवल मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को है। अमित शाह को हिसाब पूछने का कोई अधिकार नहीं है। कर्नाटक ही सबसे अधिक कर भुगतान करता है और कर्नाटक को ही कम अनुदान देकर यहां के लोगों का अपमान किया जाता है। कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी एस येड्डियूरप्पा ने कहा कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए केंद्रीय अनुदान को लेकर गलतबयानी कर रही है। येड्डियूरप्पा ने कहा कि मोदी सरकार ने १४ वें वित्त आयोग की सिफारिशें लागू करने के साथ ही राज्यों का अनुदान बढ़ाकर ४२ फीसदी कर दिया था। येड्डियूरप्पा ने कहा कि मोदी सरकार ने यूपीए सरकार की तुलना में दुगुना कर दिया है। चित्रदुर्गा और मैसूरु की रैली में शाह ने राज्य को केंद्रीय अनुदान के तौर पर 3 लाख करोड़ रुपए मिलने और उसका लाभ जनता को नहीं मिलने का आरोप लगाया था।

14 वें वित्त आयोग: ३ साल में 10,553 करोड़ कम मिला
शाह के दावों पर पलटवार करते हुए बैरेगौड़ा ने कहा कि १४ वें वित्त आयोग की सिफारिश लागू होने के बाद पिछले तीन सालों के दौरान राज्य को 10,553 करोड़ रुपए कम मिले हैं। यह राशि अब भी केंद्र सरकार के पास बकाया है। बैरेगौड़ा ने कहा कि हम जानते हैं कि रविवार को प्रधानमंत्री हमेंं यह राशि जारी नहीं करेंगे लेकिन लोगों को यह पता होना चाहिए कि हकीकत क्या है। राज्य को कितना मिलना था और क्या मिला। कृष्ण बैरेगौड़ा ने कहा कि साल 2015-16 के दौरान 14वें वित्त आयोग से 27,302 करोड़ रुपए मिलने थे लेकिन 23,983 करोड़ रुपए मिले और 3,319 करोड़ रुपए बकाया है। साल 2016-17 के दौरान 31,503 करोड़ में से 28,760 करोड़ मिले और 2,743 करोड़ रुपए बाकी है। जबकि साल 2017-18 में 36,399 करोड़ में से 31,908 करोड़ मिले और 4,499 करोड़ रुपए बकाया है। उन्होंने कहा कि तीन साल में वित्त आयोग से 95,204 करोड़ रुपए में से 84,659 करोड़ दिए गए हैं और केन्द्र सरकार पर 10,553 करोड़ रुपए अभी बकाया है। भाजपा को सच्चाई समाने रख कर बात करने की जरूरत है।

ये भी पढ़ें

सदन समितियों की सिफारिशों को गंभीरता से ले सरकार: विस अध्यक्ष
Published on:
04 Feb 2018 05:00 am
Also Read
View All