बैंगलोर

दो साल की देर के चलते 5600 करोड़ बढ़ेगी मेट्रो फेज-2 की लागत : उप मुख्यमंत्री

पहले 26 हजार 405 करोड़ की लागत अनुमानित थी।

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दो साल की देर के चलते 5600 करोड़ बढ़ेगी मेट्रो फेज-2 की लागत : उप मुख्यमंत्री

बेंगलूरु. करीब दो वर्ष की देरी और महंगाई के कारण नम्मा मेट्रो के दूसरे चरण की लागत बढ़कर 32 हजार करोड़ रुपए हो जाएगी। बेंगलूरु विकास मंत्री का दायित्व भी संभाल रहे उपमुख्यमंत्री डॉ जी परमेश्वर ने शुक्रवार को मेट्रो रेल निगम के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा कि मेट्रो रेल के फेज-2 की अनुमानित लगात बढ़कर अब 32 हजार करोड़ रुपए हो जाने की संभावना है जबकि पहले 26 हजार 405 करोड़ की लागत अनुमानित थी। दूसरे चरण के कुछ खंडों पर परिचालन शुरू होने में भी विलंब होगा।

परमेश्वर ने कहा कि मेट्रो के दूसरे चरण में सिर्फ दो खंडों पर ही वर्ष 2020 की समय सीमा मेें परिचालन शुरू कर पाना संभव होगा। परमेश्वर ने कहा कि वर्ष 2020 तक मैसूरु रोड लाइन पर केंगेरी खंड (रीच-2 का विस्तार) और तुमकूरु रोड लाइन पर बीआइइसी खंड (रीच-3 का विस्तार) का काम ही 2020 तक पूरा हो पाएगा जबकि वाइटफील्ड-आरवी रोड-बोम्मसंद्र खंड का काम वर्ष 2021 तक पूरा हो सकेगा जबकि गोट्टिगेरे-नागवारा (रीच-6) खंड वर्ष 2023 तक पूरा होगा।

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एकल यात्रा कार्ड पर काम जारी
परमेश्वर ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए एकल यात्री कार्ड शुरू करने पर काम चल रहा है ताकि लोग एक ही कार्ड का उपयोग कर मेट्रो रेल और बेंगलूरु महानगर परिवहन निगम की बसों में सफर कर सकें। परमेश्वर ने कहा कि मेट्रो में अभी रोजाना 4.60 लाख यात्री सफर कर रहे हैं और 6 कोच वाले ट्रेनों की संख्या बढऩे और दूसरे चरण में परिचालन शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या दुगुनी हो जाएगी। प्रस्तावित कार्ड के बारे में सरकार उपचुनावों के बाद निर्णय लेगी। परमेश्वर ने कहा कि हवाई अड्डा लाइन पर जल्द ही मंत्रिमंडल की बैठक में विचार होगा।


वेतन पर खर्च घटाने के निर्देश
परमेश्वर ने मेट्रो निगम के अधिकारियों को कर्मचारियों के वेतन पर होने वाले खर्च में कटौती के उपाय तलाशने के लिए भी कहा। परमेश्वर ने कहा कि मेट्रो के परिचालन लागत में 34 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों के वेतन पर व्यय होता है। मेट्रो रेल निगम दैनिक 30 करोड़ रुपए की राजस्व में से 24 करोड़ रुपए कर्मचारियों के वेतन पर खर्च होता है।

परमेश्वर ने अधिकारियों से कहा कि निगम का मुनाफा बढ़ाने के लिए खर्च में कटौती आवश्यक है और मानव संसाधन पर होने वाले व्यय को कम किया जाना चाहिए। बैठक में मेट्रो रेल निगम के प्रबंध निदेशक अजय सेठ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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Published on:
28 Oct 2018 04:21 pm
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