स्कूल शिक्षा विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम Instagram पर फर्जी एसएसएलसी परीक्षा SSLC Examप्रश्न पत्रों के प्रसार को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। इन भ्रामक पोस्टों के कारण चल रही बोर्ड परीक्षाओं के दौरान छात्रों और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। कुछ तस्वीरें पोस्ट की गईं शिकायत के अनुसार, एसएसएलसी द्वितीय […]
स्कूल शिक्षा विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम Instagram पर फर्जी एसएसएलसी परीक्षा SSLC Examप्रश्न पत्रों के प्रसार को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। इन भ्रामक पोस्टों के कारण चल रही बोर्ड परीक्षाओं के दौरान छात्रों और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
शिकायत के अनुसार, एसएसएलसी द्वितीय प्रीपरेटरी परीक्षाएं 27 जनवरी से शुरू हुईं। उसी दिन इंस्टाग्राम पर प्रथम भाषा कन्नड़ प्रश्न पत्र होने का दावा करते हुए कुछ तस्वीरें पोस्ट की गईं। इसके बाद 28 जनवरी को गणित प्रश्न पत्र होने का दावा करने वाली तस्वीरें भी सामने आईं। एक अन्य इंस्टाग्राम अकाउंट से भी 27 और 28 जनवरी को कन्नड़ और गणित के कथित प्रश्नपत्रों की तस्वीरें साझा की गईं।
जांच के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई कोई भी तस्वीर असली प्रश्न पत्र नहीं है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ये पोस्ट पूरी तरह भ्रामक हैं और छात्रों व आम लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से डाली गई हैं। आशंका है कि कुछ लोग परीक्षा प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झूठा दावा कर पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे थे।
विभाग ने कहा कि इस तरह की हरकतें परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाती हैं। इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। स्कूली शिक्षा विभाग के निदेशक (माध्यमिक) कृष्णाजी एस. करिचन्नावर की शिकायत के आधार पर केंद्रीय डिवीजन साइबर क्राइम पुलिस ने 29 जनवरी को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की। आरोपियों पर जालसाजी, सार्वजनिक उपद्रव और आइटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में नॉर्थ डिविजन साइबर क्राइम पुलिस ने एसएसएलसी प्रीपरेटरी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में छह शिक्षकों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में दो छात्रों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था।