
योगेश शर्मा
बेंगलूरु. शहर के लोगों में दिन प्रतिदिन वाहनों के प्रति बढ़ते लगाव के चलते शहर में वाहनों की संख्या साढ़े तिहत्तर लाख से ऊपर पहुंच गई है। हालात ये हैं कि अकेले बेंगलूरु शहर में गत एक वर्ष के दौरान 5 लाख 24 हजार वाहन पंजीकृत हुए हैं। जबकि अधिकारियों की मानें तो राजधानी की सड़कों पर 15 लाख से अधिक वाहन ही आसानी से चलाए जा सकते हैं। वाहनों की संख्या पांच गुणा बढऩे से मुख्य मार्गों पर भी दिन भर जाम के हालात रहते हैं, वहीं प्रदूषण भी मानक से अधिक हो गया है। ऐसा माना जा रहा है कि राज्य सरकार इस बजट में चार पहिया वाहनों के पंजीकरण से पूर्व पार्किंग की शर्त लगाने पर कुछ प्रावधान ला सकती है। इससे पूर्व परिवहन मंत्री डीसी तमण्णा भी लोगों को सलाह दे चुके हैं कि वाहन तभी खरीदें, जब पार्किंग के लिए आपके पास स्थान हो।
प्रति माह पंजीकृत हो रहे 43 हजार से अधिक वाहन
परिवहन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो बेंगलूरु के दस परिवहन कार्यालयों में प्रति माह करीब 43 हजार वाहन पंजीकृत किए जा रहे हैं। प्रत्येक कार्यालय में औसतन 4 हजार तीन सौ से अधिक वाहन पंजीकृत होते हैं। 31 मार्च 2017 को बेंगलूरु शहर में कुल 68 लाख 33 हजार 80 वाहन पंजीकृत थे। जो वर्ष 2018 फरवरी तक बढ़कर 73 लाख 56 हजार 914 हो गए। आकड़ों के हिसाब से 11 महीने में 5 लाख 23 हजार 834 नए वाहन पंजीकृत किए गए हैं।
ये है सड़कों का जाल
शहर में 16 फ्लाईओवर, 12 अंडरपास, 7 ग्रिड सेपरेटर, आंतरिक रिंग रोड, आउटर रिंग रोड व 64 सड़कों का विस्तार करने के बावजूद बेशुमार वाहनों के कारण दिन भर जाम के हालात रहते हैं। इसके अलावा बीएमटीसी की बसों के लिए एकतरफा यातायात रहने से काफी राहत रहती है। बाजारों में पैदल चलना भी दुश्वार हो जाता है।
ये हो सकता है समाधान
यातायात एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार किए बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने माना कि बेंगलूरु में सार्वजनिक परिवहन के साधनों की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। शहर में प्रतिदिन 20 से 25 लाख वाहन सड़कों पर रहते हैं।
इनका कहना है
शहर में यातायात की समस्या के समाधान के लिए सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बेहतर किया जाना आवश्यक है। ऐसा हुआ तो लोग निजी वाहनों का उपयोग कम से कम करेंगे। नए वाहनों का पंजीकरण नहीं रोका जा सकता है। शहर में प्रतिदिन 15 लाख से अधिक वाहन चलने पर जाम व अन्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
डॉ. एम.ए. सलीम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा, कर्नाटक, बेंगलूरु