छात्रवृत्ति: 38 छात्राओं को 1.5 करोड़ रुपए
बेंगलूरु. पूर्व पुलिस महानिदेशक रूपक कुमार दत्ता ने कहा कि आज लड़कियों को शिक्षा देना जरूरी है और शिक्षा के लिए सरकारी से जारी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने बुधवार को बज्मे निसवान चैरिटेबल ट्रस्ट के जरिए गरीब छात्राओं को छात्रवृत्ति देने के लिए हुए कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रूप में कहा कि शिक्षा के लिए सरकार ने कई सुविधाएं उपलब्ध कराई है। कई शहरों में मजदूर और श्रमिक दिन-रात मेहनत कर बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने के लिए हजारों रुपए डोनेशन दे रहे हैं। एक महिला को शिक्षा दी जाए तो वह पूरे परिवार को शिक्षित बनाती है। इसलिए हर वर्ग की लड़कियों को शिक्षित होना जरूरी है।
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इस अवसर पर बज्मे निसवान चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष हुस्ना जियाउल्ला शरीफ ने कहा कि ट्रस्ट 44 साल से छात्राओं को छात्रवृत्ति दे रहा है। अब तक 58,000 छात्राओं को छात्रवृत्ति दी गई है। इस बार 3,800 छात्राओं को 1.50 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति दी गई।
ट्रस्ट के जरिए बुजुर्गो को हर माह 250 रुपए पेेेंशन, अनाज और अन्य जरूरत की चीजों की आपूर्ति की जाती है। ट्रस्ट अब तक 10,800 गरीब लड़कियों की शादियां करा चुका है। ट्रस्ट के सचिव बानो अली, संयुक्त सचिव रहमत पाशा और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
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सांसदों को तोहफा देना सही नहीं
हुब्बली. पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर ने कहा कि सांसदों को महंगा तोहफा देने की प्रवृत्ति सही नहीं है। शेट्टर ने कहा कि किसानों के ऋण माफ, विद्यार्थियों को नि:शुल्क पास देने से कतरा रही सरकार का सांसदों को महंगे आइ फोन देने का प्रस्ताव सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सांसदों की बैठक कर मुख्यमंत्री का चर्चा करना परंपरा है परंतु तोहफा देना सही नहीं है। कावेरी मुद्दे पर आवाज ना उठाएं, उत्तर कर्नाटक के साथ हुए अन्याय के बारे में आवाज नहीं उठाएं इसलिए तोहफा दिया है। यह हमारी संस्कृति नहीं है। इसके पीछे बड़ी साजिश छीपी होगी। मुख्यमंत्री कहते हैं कि तोहफे से उनका कोई लेना देना नहीं है परन्तु उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी डी.के शिवकुमार ने तोहफा दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री को किसी भी मौके पर आंसू नहीं बहाना चाहिए। कुमारस्वामी ने खुद को असाह साबित किया है। इससे प्रशासन पर पकड़ कमजोर होगी, साथही अधिकारी भी बात नहीं मानेंगे।