बैंगलोर

छात्राओं ने जगाई आजादी की अलख

शिक्षकों व विद्यार्थियों ने लिया हिंदी नाटक और कार्यशाला में भाग एडीए रंग मंदिर सभागार में हुआ आयोजन
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छात्राओं ने जगाई आजादी की अलख

बेंगलूरु. बिशप कॉटन वुमेन क्रिश्चियन कॉलेज की छात्राओं ने सोमवार को ए.डी.ए. रंग मंदिर सभागार जेसी रोड में आजादी की अलख जगाई। आजादी की अलख के लेखक प्रसिद्ध व निर्देशक लखनऊ के सुनील कुमार सिंह हैं। वाणिज्य विभाग की 45 छात्राओं ने जब हिंदी में लिखित नाटक की प्रस्तुति दी तो दर्शकों को यह नहीं लग रहा था कि वे किसी गैर हिंदी भाषी राज्य की राजधानी में हिंदी नाटक देख रहे हैं।

लेखक, निर्देशक सुनील कुमार सिंह के छात्राओं को नाटक में अभिनय करने की सशक्त प्रशिक्षण ने पात्रों की भूमिका को जीवंत कर दिया। नाटक आजादी की अलख को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करने की परिकल्पना वुमेन कॉलेज के हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. विनय यादव ने की। उन्होंने कहा कि आजादी की अलख नाटक बेंगलूरु विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। नाटक ऐतिहासिक घटनाओं को आधार बनाकर लिखा गया है। इसमें मुगल काल के बाद अंग्रेजों की ईस्ट इंडिया कम्पनी और अंग्रेजों के शासन की दुरभिसंधि का बखूबी वर्णन किया गया है।

सात दृश्यों में नाटक को समेट कर प्रस्तुत करने का अभिनव प्रयोग नवकलाकारों ने किया। नाटक में विदेशी कम्पनियों द्वारा हल्दी, नीम और चंदन को पेटेन्ट कराने की कोशिश पर भी व्यंग्यात्मक प्रस्तुति दी गई। नाटक की प्रस्तुति के पूर्व राष्ट्रीय एकता मंच के संस्थापक अध्यक्ष उदय कुमार सिंह ने कहा कि आज युवाओं को जागरूक होने की आवश्यकता है। युवा इस देश के भविष्य हैं। केवल अपनी शिक्षा और रोजगार को लेकर ही चिंतन के साथ ही उन्हें देश की सामाजिक और आर्थिक समृद्धि के बारे में भी सोचने की आवश्यकता है।

उदय कुमार सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में मतों का महत्व अधिक होता है। आज के युवाओं को खुद तो मतदान करना ही चाहिए साथ में देश के नागरिकों को मतदान करने के लिए प्रेरित भी करना चाहिए। सिंह ने कहा कि भारत को आजाद हुए इतना अरसा हो गया है लेकिन स्थिति में अब भी कोई ज्यादा बदलाव नहीं आया है।

उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक वतन की सरहदों की रक्षा के लिए व हमें सुकुन भरी नींद देने के लिए दिन रात दुश्मनों से जूझते रहते हैं। उनका एक ही मकसद है कि मेरा भारतवासी एक अच्छा जीवन बिताए। इसके लिए वे अपनी जान की परवाह नहीं करते और हर मौसम में वहां डटे रहते हैं। इसके बाद नाटक के लेखक सुनील कुमार सिंह ने नाटक के लेखन और उसकी प्रस्तुतिकरण पर विस्तार से छात्राओं को सम्बोधित किया।

नाट्य कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यअतिथि उदय सिंह और नाटक के लेखक एवं निर्देशक सुनील कुमार सिंह तथा डॉ. विनय कुमार यादव द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। प्रेक्षा गृह में लगभग करीब एक दर्जन विद्यालय के हिन्दी अध्यापक और अध्यापिकाओं के साथ ही छात्राओं ने भी आजादी की अलख के मंचन का लुत्फ उठाया। इस अवसर पर 750 से अधिक शिक्षक-शिक्षिका व विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान दो छात्राओं ने नृत्य भी प्रस्तुत किया।

Updated on:
02 Oct 2018 06:49 pm
Published on:
02 Oct 2018 06:49 pm
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