श्रद्धालुओं ने टाउन हॉल से फ्रीडम पार्क तक रैली निकाली और इस दौरान कुछ श्रद्धालु नंगे पैर चलते दिखे।
बेंगलूरु. सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग के साथ शनिवार को बेंगलूरु में श्रद्धालुओं ने रैली निकाली।
प्रदर्शनकारियों ने आग्रह किया कि वह अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे। श्रद्धालुओं ने टाउन हॉल से फ्रीडम पार्क तक रैली निकाली और इस दौरान कुछ श्रद्धालु नंगे पैर चलते दिखे।
प्रदर्शन में शामिल संडलवुड के वरिष्ठ अभिनेता शिवराम ने कहा कि भक्त कई वर्षों से भगवान अयप्पा की पूजा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम ताकत दिखाने से किसी के खिलाफ प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। हम कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन हम सर्वोच्च न्यायालय से अनुरोध करते हैं कि वह अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे।
जैसी परंपरा चली आ रही है उसे बरकरार रखा जाए। प्रदर्शन में श्रीराम सेने के प्रमुख प्रमोद मुतालिक भी शामिल थे। इस दौरान भगवान अयप्पा की प्रतिमा को वाहन पर रखा गया, अयप्पा के जयकारे लगाए गए।
केरल सरकार पर निकाला गुस्सा
प्रदर्शनकारी यह भी आरोप लगा रहे थे कि केरल सरकार सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय का दुरुपयोग करने में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल सरकार ने मंदिर में महिलाओं को प्रवेश दिलाने के लिए 'चुनिंदाÓ लोगों को तैनात कर दिया है।