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विजय महोत्सव में सहयोगियों का सम्मान

संस्था के चेयरमैन पी.के. दास ने बताया कि यह उत्सव 22 वर्षों के लगातार आयोजित किया जा रहा है।

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विजय महोत्सव में सहयोगियों का सम्मान

बेंगलूरु. कर्नाटक-बंगाली स्वर्ण-शिल्पी एसोसिएशन के तत्वावधान में विजय महोत्सव का आयोजन शनिवार को हडसन मिशन हॉल में किया गया। प्रवासी बंगालियों द्वारा यह आयोजन दशहरा महोत्सव के सम्पन्न होने के उपलक्ष में मनाया जाता है।

दीप प्रज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ शुरू हुए विजय महोत्सव में दशहरा महोत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न सास्कृतिक कार्यक्रमों में विजयी प्रतिभागियों, कार्यकत्र्ताओं आदि को पुरस्कृत किया गया। विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया जिसमें बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। संस्था के चेयरमैन पी.के. दास ने बताया कि यह उत्सव 22 वर्षों के लगातार आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के चेयरमैन प्रॉवीरदास, विकास घोष, बारिनदास, सुनील बाउल, अखिल मंडल, विजय मल्लिक, मुक्ता खा, नन्दु बेरा, अनूप सामंता, गोकुल मंडल, बलराम करमाकर, अध्यक्ष सुशील मंडल, सचिव अंजन गारंग सहित श्यामल संतरा, भोलानाथदास, पलास मेते, उत्तम घोव, रंजीत सरकार, बलइ शर्मा, तपस बक्शी, अभीजीत मायती, स्वप्न साहा, प्रदीप संतरा, सुनील समई आदि का सहयोग रहा।


चांद को अर्घ्य दे सुहागिनों ने खोला व्रत
बेंगलूरु. पति की लंबी आयु की कामना करते हुए सुहागिनों ने करवा चौथ पर दिनभर व्रत रखा और रात को चांद को अर्घ्य देकर व्रत खोला। सुहागिनों ने आज सोलह शृंगार किए। हाथों में मेहंदी रचाई।

कई महिलाएं सजने धजने के लिए ब्यूटी पार्लर भी पहुंची। इसके चलते पार्लर पर काफी रौनक रही। सुहागिनों ने दिनभर व्रत रखा। कथा का श्रवण किया। पूजा अर्चना की। इस मौके पर शहर में विभिन्न समाजों की ओर से सामूहिक उद्यापन भी रखे गए। सुहागिनों ने सामूहिक कथा श्रवण किया और पूजा की। रात को चांद निकलने पर सुहागिनों ने अघ्र्य दिया और छलने में पति को देख व्रत खोला।

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