बैंगलोर

अब सरकारी विभागों में होंगे 50 फ़ीसदी बिजली चालित वाहन

शहर के 11 स्थानों पर रिचार्ज केंद्र स्थापित किए जाएंगे और निजी क्षेत्र में बी इस तरह के रिचार्ज केन्द्रों की स्थापना को अनुमति दी जाएगी।
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Updated: 17 Nov 2018, 8:21 PM IST
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अब सरकारी विभागों में होंगे 50 फ़ीसदी बिजली चालित वाहन

बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने बिजली से चलने वाले दुपहिया वाहनों व कारों का इस्तेमाल करने वाले लोगों की सुविधा के लिए राजधानी बेंंगलूरु सहित राज्य भर में चरणबद्ध तरीके से रिचार्ज पॉइंट खोले जाएंगे।

इसके अलावा सरकार के विविध विभागों में बिजली से चलने वाले वाहनों के इस्तेमाल को 50 फीसदी तक वरीयता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को यहां विधानसौधा परिसर में बेस्काम द्वारा स्थापित बिजली चालित वाहनों के रिचार्ज केंद्र का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि यदि सरकारी विबागों में कम से कम 50 फीसदी बिजली से चलने वाले वाहनों का इस्तेमाल किया जाए तो ईंधन पर होने वाले खर्च में कमी लाई जा सकती है।

बिजली से चलने वाले वाहनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहन देने के लिए फिलहाल निशुल्क रिचार्ज की सुविदा उपलब्ध करवाई गई है लेकिन आने वाले दिनों में 4.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से रिचार्ज शुल्क लिया जाएगा।

बेस्काम की प्रबंध निदेशक शिखा ने कहा कि इससे पहले बेंगलूरु के बेस्काम मुख्यालय तथा केइआरसी के परिसरों में इस तरह के रिचार्ज केंद्र स्थापित किए गए थे और अब विधानसौधा परिसर में केन्द्र की स्थापना की गई है।

जनवरी तक शहर के 11 स्थानों पर रिचार्ज केंद्र स्थापित किए जाएंगे और निजी क्षेत्र में बी इस तरह के रिचार्ज केन्द्रों की स्थापना को अनुमति दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि बिजली से चलने वाले वाहनों का 1 किमी का खर्च जहां केवल 1 रुपए आता है वहीं तरल ईंधन से चलने वाले वाहनों पर प्रति किमी 5 रुपए का खर्च आता है। बेस्काम प्रति किलोवाट रिचाझ4 के लिए 50 रुपए की शुल्क लेगा।

एक वाहन को पूरी तरह से चार्ज करने में 90 मिनट तक का वक्त लगता है। 15 किलोवाट तक चार्ज करवाने पर एक वाहन 100 से 120 किमी तक का सफर तय कर सकता है।

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