इसके साथ ही एक लीटर पॉम ऑयल व पांच लीटर केरोसिन तेल भी दिया जाएगा
बेंगलूरु. राज्य सरकार ने कोडुगू के बाढ़ पीडि़तों को फौरी राहत देते हुए तत्काल 3800 रुपए नकद और राशन देने की घोषणा की है। इसके साथ ही सरकार ने बाढ़ के कारण बेघर हुए लोगों के लिए एक सप्ताह में 2 हजार स्थायी शेड निर्मित करने का वादा भी किया है। कोडुगू जिले के दो दिवसीय दौरे पर लौटने के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री एच डी कुमार स्वामी ने मुख्य सचिव विजय भास्कर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कोडुगू व अन्य जिलों में राहत व बचाव कार्य की समीक्षा की। बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में कुमारस्वामी ने कहा कि हर पीडि़त परिवार को 10 किलो चावल और एक-एक किलो चीनी व तूअर दाल दी जाएगी। इसके साथ ही एक लीटर पॉम ऑयल व पांच लीटर केरोसिन तेल भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोडुगू जिले में खोले गए राहत शिविरों में 6500 विस्थापित आश्रय लिए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित करीब 50 हजार लोगों को तक घरेलू उपयोग की सामग्री पहुंचाने की कोशिश की जा रही है और इसके लिए 10 मोबाइल वितरण वैनों का उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन को महानरेगा के तहत अधिकतम रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में विद्यार्थियों को नि:शुल्क गणवेश और पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीने के दौरान जिले के स्कूल 20 दिन बंद रहे हैं और इसलिए समय पर पाठ्यक्रम पूरा कराने के लिए विशेष कक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी।
कुमारस्वामी ने वर्ष 2010 के उत्तर कर्नाटक की बाढ़ की तुलना में कोडुगू की मौजूदा स्थिति को ज्यादा खराब और गंभीर बताते हुए सरकार इन लोगों को नए सिरे से जीवन शुरू करने के लिए हर संभव मदद देगी। कुमारस्वामी ने राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही से इनकार करते हुए कहा कि प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। कुमारस्वामी ने कहा कि वे खुद हर घंटे अधिकारियों से विवरण लेने के साथ ही स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।
राहत कोष में आए हर पैसे का हिसाब देगी सरकार
कुमारस्वामी ने बाढ़ पीडि़तों की सहायता के लिए लोगों से मुख्यमंत्री प्राकृतिक आपदा राहत कोष में उदारतापूर्वक दान देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोडुगू में बाढ़ के कारण करोड़ों रुपए की क्षति हुई है और जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। बाढ़ पीडि़तों को राहत व पुनर्वास के लिए सरकार अपने स्तर पर हरसंभव प्रयास कर रही है लेकिन आम जनता को भी इसमें सहयोग करना चाहिए। मुख्यमंत्री आपदा कोष में सहायता देने वालों को वे भरोसा दिलाते हैं कि बिचौलियों को धन का हड़पने का अवसर नहीं दिया जाएगा और उनके द्वारा दान दिए गए एक एक रुपए का राहत व पुनर्वास कार्य में सदुपयोग किया जाएगा। दानदाताओं से आयकर अधिनियम की धारा 80 जी के तहत कर छूट प्राप्त होगी।
मकान निर्माण के लिए सभी को मिलेगी मदद
कुमारस्वामी ने कहा कि बाढ़ के कारण जिन लोगों का मकान क्षतिग्रस्त हुआ है, सरकार उन्हें अधिकतम आर्थिक सहायता देने की कोशिश करेगी। कुमारस्वामी ने कहा कि हर पीडि़त को एक समान राशि मदद के तौर पर दी जाएगी, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। कुमारस्वामी ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को एक इस बारे में विस्तृत योजना तैयार करने के लिए कहा है। कुमारस्वामी ने कहा कि तब तक अधिकारियों को पीडि़तों के लिए 2 हजार अल्युमिनियम शेड बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी इसके लिए भूमि चिहिन्त करने में जुटे हैं। यह काम एक सप्ताह में पूरा हो जाएगा।