बैंगलोर

वो तो गर्भवती पत्नी को कावेरी नदी में डुबा कर चला गया था…फिर हुआ कुछ ऐसा

चमत्कारिक रूप से 12 घंटे बाद जीवित निकली

2 min read
वो तो गर्भवती पत्नी को कावेरी नदी में डुबा कर चला गया था...फिर हुआ कुछ ऐसा

इस बीच कुछ दिनों पूर्व जब रुपेश को पता चला कि उसकी पत्नी अरुणा गर्भवती है तब उसने पत्नी को बताया कि वह अभी बच्चा नहीं चाहता है

हावेरी. पत्नी के गर्भवती होने से नाखुश पति ने अपनी पत्नी को तुंगभद्रा नदी में हत्या की नीयत से धकेल दिया। महिला पूरी रात एक चट्टान के सहारे बीच नदी में पानी के तेज बहाव में फंसी रहने के बाद चमत्कारिक तरीके से जिंदा बच गई। करीब 12 घंटों तक बीच नदी में जिंदगी और मौत के बीच जूझने वाली महिला पर 'जाको राखे साइयां मार सके न कोयÓ की उक्ति चरितार्थ हुई।

ये भी पढ़ें

मेट्रो प्रबंधन के इस फैसले से यात्री ने ली रहत की सांस

पुलिस ने बताया कि पीडि़ता महिला अरुणा कुमारी हावेरी जिले के रत्तीहल्ली तालुक के पट्टेपुर गांव की है। अरुणा की शादी करीब डेढ़ वर्ष पूर्व रूपेश गौड़ा से हुई थी। इस बीच कुछ दिनों पूर्व जब रुपेश को पता चला कि उसकी पत्नी अरुणा गर्भवती है तब उसने पत्नी को बताया कि वह अभी बच्चा नहीं चाहता है। इसी बात को लेकर दंपत्ति में झगड़ा हुआ। अंतत: आरोपी रूपेश गौड़ा ने अरुणा को मारने की योजना बनाई और गुरुवार शाम उसे लेकर तुंगभद्रा नदी के किनारे गया।

शाम ढलते ही उसने अरुणा को नदी के गहरे पानी में धकेल दिया, जिससे वह पानी में बह गई। पत्नी के नदी में डूबने को लेकर आश्वस्त रूपेश वहां से घर लौट गया। हालांकि अरुणा की किस्मत अच्छी रही। नदी में करीब दो किलोमीटर तक बहने के बाद उसे बीच अचानक एक चट्टान का सहारा मिल गया। वह किसी तरह चट्टान को पकड़कर अटकी रही और मदद के लिए चिल्लाने लगी, लेकिन रात होने के कारण कोई उसकी मदद को नहीं आया।

शुक्रवार को जब सुबह हुई तो कुछ लोगों की नजर में पानी में फंसी अरुणा पर पड़ी और उन्होंने उसे सुरक्षित नदी से बाहर निकाला। बाद में पीडि़ता के परिवार वालों ने आरोपी रूपेश के खिलाफ पुलिस में शिकायत की और शनिवार को पुलिस ने रूपेश को गिरफ्तार कर लिया।

ये भी पढ़ें

कावेरी जल बंटवारा विवाद: समिति के गठन में भाजपा का हाथ
Published on:
24 Jun 2018 05:28 pm
Also Read
View All