
मेट्रो प्रबंधन के इस फैसले से यात्री ने ली रहत की सांस
बेंगलूरु. बेंगलूरु मेट्रो रेल निगम लि. (बीएमआरसीएल) ने मेट्रो कर्मचारियों की कुछ मांगें स्वीकार कर विवाद समाधान निकालने की कोशिश की है। पिछले कुछ महीनों में कई बार मेट्रो कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने की धमकी दी थी। बातचीत से समाधान निकालने की कोशिश की गई और कर्मचारी बार बार अपनी हड़ताल टालते रहे।
बेंगलूरु मेट्रो रेल कर्मचारी यूनियन ने कर्मचारियों के हित में बीएमआरसीएल से कई प्रकार की मांग की थी। इसमें प्रत्यक्ष वित्तीय मांगों के अतिरिक्त गैर-वित्तीय मांग भी शामिल थीं। बीएमआरसीएल के अनुसार यूनियन की जिन वित्तीय मांगों को स्वीकारा गया है उसमें रात्रि ड्यूटी भत्ता, हार्ड ड्यूटी भत्ता (यह सिर्फ ट्रेन ड्राइवरों के लिए लागू होता है, क्योंकि उन्हें सिग्नलिंग पर ध्यान केंद्रित करने जैसे कठिन कार्य करने की आवश्यकता होती है), यूनिफार्म धुलाई भत्ता, परिवहन भत्ता और सामान्य छुट्टी भत्ता शामिल है। यूनियन की गैर वित्तीय मांगों में बीएमआरसीएल कैंटीन में रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराना, कर्मचारियों के कन्नड़ संघ की मान्यता, जिन स्टेशनों पर 100 से अधिक महिला कर्मचारी काम करती हैं, वहां शिशु देखभाल गृह का निर्माण, केम्पेगौड़ा मेट्रो मेट्रो स्टेशन पर 108 एम्बुलेंस सर्विसेज के लिए जगह बढ़ाना, कर्मचारियों के साथ वार्षिक मूल्यांकन प्रतिलिपि साझा करना, कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त वर्दी, नियमों में संशोधन कर पदोन्नति प्रभावित करने के लिए मध्यवर्ती पदों का सृजन शामिल है।
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कर्नाटक के 115 रेलवे स्टेशन पर वाई-फाई
बेंगलूरु. दक्षिण पश्चिम रेलवे ने कर्नाटक के 115 रेलवे स्टेशनों को हाई स्पीड वाई-फाई नेटवर्क से जोड़ा है। रेलवे बोर्ड ने गूगल की सहभागिता में देशभर के रेलवे स्टेशनों को वाईफाई से जोडऩे के निर्देश दिए थे। प्रदेश के बेंगलूरु, यशवंतपुर, मैसूरु, हुब्बल्ली सहित प्रमुख 115 रेलवे स्टेशनों पर हर यात्रियों को हाई स्पीड में वाईफाई नेटवर्क की सुविधा है। बहुत से तालुक मुख्यालय के रेलवे स्टेशनों पर भी वाईफाई नेटवर्क उपलब्ध है। स्टेशनों पर 25 से 40 मीटर क्षेत्र तक नेटवर्क पकड़ के लिए अतिरिक्त प्वाइंट लगाए हैं। ट्रेन की प्रतीक्षा में बैठे यात्री वाईफाई नेटवर्क का लाभ ले रहे हैं।
Published on:
24 Jun 2018 05:19 pm
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