जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित ने कहा कि कलबुर्गी पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी रह सकती है, लेकिन नड्डा या मालवीय की व्यक्तिगत उपस्थिति पर जोर दिए बिना ऐसा करना है।अदालत नड्डा और मालवीय द्वारा पिछले महीने कलबुर्गी पुलिस द्वारा एक वीडियो को लेकर दर्ज की गई आपराधिक शिकायत को रद्द करने संबंधी याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
बेंगलूरु. कर्नाटक हाइ कोर्ट ने शुक्रवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और उसके आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए दर्ज मामले में अंतरिम राहत दी। इसमें उन्होंने दावा किया था कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो वह देश की संपत्ति मुसलमानों में बांट देगी।
पिछले महीने कांग्रेस कार्यकर्ता की शिकायत पर दर्ज की गई एफआईआर में नड्डा और मालवीय दोनों पर नफरत फैलाने वाले भाषण और चुनावी कदाचार में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित ने कहा कि कलबुर्गी पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी रह सकती है, लेकिन नड्डा या मालवीय की व्यक्तिगत उपस्थिति पर जोर दिए बिना ऐसा करना है।
अदालत नड्डा और मालवीय द्वारा पिछले महीने कलबुर्गी पुलिस द्वारा एक वीडियो को लेकर दर्ज की गई आपराधिक शिकायत को रद्द करने संबंधी याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
एफआईआर के अनुसार, विवादास्पद पोस्ट में कहा गया था कि अगर कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है, तो वह सभी गैर-मुसलमानों की संपत्ति छीन लेगी और मुसलमानों को उनके पसंदीदा समुदाय में बांट देगी। इस पोस्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दर्शाते हुए एक एनिमेटेड वीडियो भी दिखाया गया है।
पुलिस ने इस साल 5 मई को एफआईआर दर्ज की थी।