नोटिस देने भर से किसी को चिंतित होने की जरूरत नहीं हैं और शिवकुमार इससे खुद ही निपट लेंगे।
बेंगलूरु. जल संसाधन मंत्री डी. के. शिवकुमार के दिल्ली के सफदरजंग स्थित फ्लैट से आयकर छापे में बरामद भारी नकदी के मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने ताजा नोटिस जारी किया है। इससे मंत्री शिवकुमार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
गौरतलब है कि करीब साल भर पहले आयकर विभाग के अधिकारियों ने शिवकुमार के बेंगलूरु, दिल्ली सहित करीब 71 ठिकानों पर एकमुश्त छापे की कार्रवाई की थी।
इसी दौरान आयकर विभाग के अधिकारियों ने शिवकुमारके दिल्ली स्थित फ्लैट से भारी नकदी बरामद की थी। बाद में इस धन के हवाला के जरिए भेजने की आशंका के चलते आयकर विभाग ने इस केस की जांच प्रवर्तन निदेशालय को सौंप दी थी।
प्रवर्तन निदेशालय ने इस संबंध में शिवकुमार को पूर्व में दो बार नोटिस जारी करके उनके साथ पूछताछ की थी। इस सिलसिले में ुशिवकुमार सहित चार आरोपियों के खिलाफ ई.डी. ने एफआईआर दर्ज की थी और आर्थिक अपराध मामलों की अदालत में प्रकरण विचाराधीन है।
इससे पूर्व में जब शिवकुमार को ईडी ने नोटिस जारी किया था तब उन्होंने अधिकारियों के समक्ष पेश होकर स्पष्टीकरण दिया था।
राजनीतिक गलियारों में ईडी के इस नोटिस को राजनीतिक बदले की भावना से उठाया गया कदम बताया जा रहा है। चर्चा है कि एम्बीडेंट कंपनी के घोटाले से जुड़े प्रकरण में खनन उद्यमी व पूर्व मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी की गिरफ्तारी के पीछे शिवकुमार का हाथ था और शिवकुमार से बदला लेने के मकसद से केन्द्र की भाजपा सरकार के इशारे पर शिवकुमार को नोटिस जारी किया गया है।
हालांकि ई.डी. के इस ताजा नोटिस पर शिवकमार की अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। बल्लारी स सांसद व कांग्रेस के नेता वी.एस. उग्रप्पा ने दिल्ली में कहा कि शिवकुमार ई.डी. को पहले ही इस बारे में अपना स्पष्टीकरण दे चुके हैं और दुबारा नोटिस जारी करने के पीछे राजनीतिक दुर्भावना है।
केन्द्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर जनभावनाओं से खिलवाड़ कर रही है। राज्य में उपचुनावों के परिणामों से भाजपा हताश है और बदले की राजनीति कर रही है।
द्वेष की राजनीति से अच्छा नाम नहीं कमाया जा सकता। यदि उन्होंने वास्तव में कोई अपराध किया है तो कानून के दायरे में कार्रवाई की जा सकती है।
उधर, मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने कहा कि इससे सरकार का कोई संबंध नहीं है। ईडी ने यदि नोटिस दिया है तो शिवकुमार उनको जवाब देंगे। नोटिस देने भर से किसी को चिंतित होने की जरूरत नहीं हैं और शिवकुमार इससे खुद ही निपट लेंगे।