
प्रदेश भाजपा में येड्डियूरप्पा के मजबूत विकल्प की तलाश
बेंगलूरु. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के मेंगलूरु दौरे के बाद प्रदेश नेतृत्व में परिवर्तन की चर्चाओं को हवा मिली थी। शाह ने पार्टी नेताओं से कई मसलों पर चर्चा की थी और इसी दौरान येड्डियूरप्पा को हटाने की मांग भी उठी थी।
हालांकि, शाह के दिल्ली लौटने के बाद आलाकमान ने पार्टी नेताओं को साफ तौर पर संकेत दे दिया है कि फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन को कोई प्रस्ताव नहीं है।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि येड्डियूरप्पा के विकल्प के तौर पर जिन नेताओं के नाम भी सुझाए गए हैं आलाकमान उनमें से किसी को ज्यादा प्रभावी नहीं मान रहा है।
पहले जब येड्डियूरप्पा के विकल्प की बात होती थी तो एच एन अनंत कुमार का नाम आता था लेकिन अब उनके निधन के कारण येड्डियूरप्पा का विकल्प तलाशना पार्टी के लिए मुश्किल हो गया है।
पार्टी को ऐसे चेहरे की तलाश है जो पार्टी के साथ ही संघ परिवार को भी स्वीकार्य हो। जातिगत समीकरणों पर भी पार्टी जोखिम नहीं लेना चाहती है।
येड्डियूरप्पा के विरोधियों का कहना है कि उनके पास प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही विधानसभा में विपक्ष के नेता की भी जिम्मेदारी है जो एक व्यक्ति-एक पद के सिद्धांत के खिलाफ है।
दूसरा, पार्टी येड्डियूरप्पा के मामले में 75 वर्ष की आयु के नियम का भी पालन नहीं कर रही है।
Updated on:
17 Nov 2018, 6:55 PM IST
Published on:
17 Nov 2018, 6:55 PM IST
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