
मेंगलूरु. सरकार विभिन्न जिलों में अवैध रूप से रहने वाले अफ्रीकी देशों के 107 नागरिकों को वापस भेजने की कार्रवाई कर रही है। उप मुख्यमंत्री डॉ.जी.परमेश्वर ने यह बात कही। यहां शुक्रवार को उन्होंने बताया कि हाल में गृह विभाग की ओर से मादक पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया था इस दौरान पुलिस ने 107 अफ्रीकी नागरिकों का पता लगाया जो वीसा अवधि पूरी होने के बावजूद यहां अवैध रूप से रह रहे थे। कुछ लोगों के पास तो वीसा भी नहीं था।
ऐसे लोगों को वापस भेजने के लिए हवाई यात्रा का खर्च सराकर उठाएगी, जिसे बाद में उन देशों के दूतावासों से वसूला जाएगा। दूतावासों को इस मामले से अवगत कराया जा रहा है। बांग्लादेशी घुसपैठियों के बारे में एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। बेंगलूरु शहर तथा अन्य जिलों में भी ऐसे लोगों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर उनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं होंगे तो उन्हें राज्य से बाहर करने की कार्रवाई करेगी।
शहरी निकाय चुनाव में जद-एस के साथ गठबंधन से किया इनकार
परमेश्वर ने कहा कि शहरी निकाय चुनाव में जद-एस के साथ गठबंधन पर कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने जद-एस के नेता भोजेगौड़ा के बयान को व्यक्तिगत बताते हुए टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि 2017-18 में देश भर में ऋण के बोझ के कारण 12 हजार से अधिक किसानों ने आत्महत्याएं की हैं। राज्य में किसानों को आत्महत्या करने से रोकने के लिए गठबंधन सरकार ने किसानों का ऋण माफ करने का निर्णय किया है। लेकिन केन्द्र सरकार ने किसानों के परति उदासीन रवैया अपना रखा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन सरकार पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई जन हितकारी योजनाओं से किसी भी योजना को निरस्त नहीं करेगी। कुमारस्वामी के शपथग्रहण समारोह में दूसरे राज्यों से आए नेताओं की मेहमानवाजी पर भारी खर्च करने के बारे में उन्होंने कहा कि यदि हम किसी मेहमान को खाने पर बुलाते हैं तो उस पर कितना खर्च होता है उसका हिसाब नहीं कर सकते।