
गोकर्ण मंदिर का हस्तांतरण गैर कानूनी
बेंगलूरु. कर्नाटक उच्च न्यायालय ने गोकर्ण महाबलेश्वर देवस्थान को दस साल पहले रामचंद्रपुरम मठ को हस्तांतरित करने के तत्कालीन भाजपा सरकार के कदम को गैरकानूनी करार देते हुए मंदिर प्रबंधन के लिए समिति का गठन करने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि 2008 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस मंदिर को देवस्थान विभाग से वापस लेकर रामचंद्रपुरम मठ को हस्तांतरित कर दिया था।
मंदिर के हस्तांतरण के आदेश के खिलाफ बालचन्द्र दीक्षित नामक व्यक्ति ने रिट याचिका दायर की जिसे उच्च न्यायालय की खंड पीठ ने स्वीकार कर लिया। याचिका पर सुनवाई पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने राय जताई कि मंदिर को देवस्थान विभाग से लेकर मठ को सौंपने का कदम गलत है। देवस्थान की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सुब्रमण्या जोइस ने पैरवी की।
न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश बी.एन. कृष्णा के नेतृत्व में देवस्थान की प्रभारी समिति का गठन करने के आदेश दिए और कहा कि जिलाधिकारी इस प्रभारी समिति के अध्यक्ष होंगे। इसके साथ ही न्यायालय ने उत्तर कन्नड़ जिले के जिलाधिकारी को एक सप्ताह के भीतर मंदिर का सारा लेखा-जोखा कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए।
मोर पंख बेचने वाला युवक गिरफ्तार
उसके कब्जे से 130 से अधिक मोर पंख जब्त किए
बेंगलूरु. आरएमसी यार्ड पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर बड़ी संख्या में मोर पंख जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार यशवंतपुर के पुष्प मार्केट के बस स्टॉप पर एक युवक मोर के पंख को बेचने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने उस युवक को हिरासत में लेकर पुलिस थाने लाया गया। युवक ने अपनी पहचान मैसूरु रोड के बैटरायनपुर निवासी मधुकुमार (29) के तौर पर कराई। उसके कब्जे से 130 से अधिक मोर पंख जब्त किए। जांच से पता चला है कि मधु कुमार ने उत्तर प्रदेश के मधुरा मूल के शरत कुमार से खरीद कर लाया था। पुलिस मामला दर्ज कर शरत कुमार को तलाश कर रही है।
Published on:
11 Aug 2018 06:04 pm
