दृष्टिहीन यात्री होंगे लाभान्वित
बेंगलूरु . रेल मंत्री पीयूष गोयल की पहल पर रेलगाडिय़ों में नेत्रहीन यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ब्रेल लिपि वाले संकेतक लगाए जा रहे हैं। रेलवे के अनुसार ऐसे यात्रियों को कोच में हर प्रकार की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए ब्रेल लिपि वाले संकेतक लगाए जा रहे हैं। यह संकेतक अच्छी क्वालिटी के मैटेलिक बेस पर बनाए जा रहे हैं।
इनकी दृश्यता बेहतर होने से यह अन्य यात्रियों के लिए उपयोगी होंगे। साथ ही ब्रेल में होने से दृष्टिहीन यात्री भी आसानी से इनका उपयोग कर सकेंगे। दक्षिण-पश्चिम रेलवे की कई गाडिय़ों के कोच में ब्रेल संकेतक लगाने का काम हो चुका है। शेष कोच में लगाने की प्रक्रिया जारी है। एक डिब्बे में ब्रेल लिपि संकेतक लगाने का खर्च लगभग 20 हजार रुपए तक आता है।
अभी कोच में संकेतक लगाने के लिए स्टिकर का उपयोग किया जाता है, जो थोड़े समय बाद उखड़ जाते हैं या कट-फट कर गंदे हो जाते हैं। उनकी दृश्यता कम या खत्म हो जाती है और यात्री परेशान होते हैं। नए मैटेलिक बेस के ब्रेल संकेतक ज्यादा टिकाउ साबित होंगे। इनकी गुणवत्ता बेहतर होने से इनकी दृश्यता भी अच्छी बनी रहेगी।
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उपनगरीय रेल सेवाएं प्रभावित होंगी
बेंगलूरु. रेल प्रशासन ने उपनगरीय रेल सेवाओं के डिब्बों को 8 कार मेमू में बदल दिया है। बदले हुए कोच वाली उपनगरीय ट्रेन 25 जुलाई से चलना शुरू होंगी। रेल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार मरिकुप्पम-केएसआर बेंगलूरु-मरिकुप्पम पैसेंजर, बंगारपेट-मरिकुप्पम-बंगारपेट पैसेंजर तथा जोलारपेट-केएसआर बेंगलूरु-जोलारपेट एक्सप्रेस को मेमू रेल सेवा में बदला गया है।
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बगैर टिकट सफर कर रहे यात्रियों को जुर्माना
बेंगलूरु. कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआर टीसी) ने बगैर टिकट के सफर करने पर 6,033 यात्रियों को जुर्माना लगाया। केएसआरटीसी ने अपने जांच दलों के जरिए गत माह जून में विभिन्न 40,299 ट्रिप की बसों की जांच कर 4,576 मामले दर्ज कर कुल 6,033 यात्रियों को बगैर टिकट के सफर करने पर 10 लाख, 94 हदार, 625 रुपए जुर्माना के रूप में संग्रहित किए। अधिकारियों ने केएसआरटीसी की आमदनी में कमी के रूप में 92,272 रुपयों का पता लगाया है।