
बेंगलूरु. चांद के दक्षिणी धु्रव पर हार्ड लैंडिंग करने वाले CHANDRYAAN-2 के लैंडर विक्रम से संपर्क स्थापित करने की कोशिशें भले ही अभी तक सफल नहीं हुई हैं लेकिन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान ISRO ने अपार समर्थन के लिए दुनिया भर के भारतीयों को धन्यवाद कहा है।
सॉफ्ट लैंडिंग की कोशिश में शत-प्रतिशत कामयाबी नहीं मिलने के बाद से अब तक 10 दिन से अधिक गुजर चुके हैं और विक्रम से संकेत मिलने की उम्मीदें क्षीण हो गई हैं। मंगलवार को नासा का चंद्र मिशन एलआरओ LRO भी चांद के दक्षिणी धु्रव के ऊपर से गुजरा लेकिन संपर्क बहाली में नाकाम रहा। इस बीच मंगलवार देर शाम इसरो के संदेश से यह कयास लगाया जा रहा है कि संभवत: लैंडर विक्रम से संपर्क स्थापित होने की उम्मीदें छोड़ दी गई हैं।
इसरो ने ट्वीट करते हुए लिखा 'हमारे साथ खड़े होने के लिए धन्यवाद। दुनियाभर के भारतीयों की उम्मीदों और सपनों से प्रेरणा लेकर हम आगे बढ़ते रहेंगे।' इस ट्वीट के साथ इसरो ने एक फोटो भी साझा किया है जिसमें एक इंसान एक चट्टान से दूसरी चट्टान पर (किसी आकाशीय पिंड जैसा) छलांग लगाता नजर आ रहा है। तस्वीर यह जाहिर करती है कि इंसान छलांग लगाने के बाद दूसरी चट्टान पर लैंड करने ही वाला है। बस एक कदम दूर है। संभवत: इसरो यह कहना चाहता है कि इस बार सॉफ्ट लैंडिंग नहीं हो सकी लेकिन कामयाबी दूर नहीं। अगली बार इसमें सफल होकर रहेंगे।