बैंगलोर

कर्नाटक कांग्रेस में नई कैबिनेट को लेकर हलचल तेज, सिद्धरामय्या ने समर्थकों को दिया संयम का संदेश

Karnataka Congress: कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बीच नई कैबिनेट को लेकर चर्चाएं तेज हैं। मंत्री पदों, प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति, उपमुख्यमंत्री पदों और प्रमुख विभागों के बंटवारे पर पार्टी नेतृत्व के स्तर पर लगातार मंथन जारी है।
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Updated: 30 May 2026, 10:39 AM IST
Karnataka former CM Siddaramaiah
कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया (फोटो- एएनआई)

Karnataka Congress: कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद नई कैबिनेट के गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरामय्या ने अपने समर्थकों से अपील की है कि मंत्री पदों को लेकर किसी भी तरह का दबाव बनाने से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक का इंतजार किया जाए। इस्तीफा देने के बाद सिद्धरामय्या ने दिल्ली पहुंच कर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और राज्य की ताजा राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की है।

समर्थकों से धैर्य और संयम बनाए रखने को कहा

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सिद्धरामय्या के कुछ समर्थक नेताओं ने उनसे अपने करीबी विधायकों और नेताओं को नई कैबिनेट में शामिल कराने की मांग उठाने का आग्रह किया था। हालांकि, सिद्धरामय्या ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में कोई भी प्रस्ताव विधायक दल की बैठक के बाद ही पार्टी आलाकमान के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने समर्थकों से धैर्य और संयम बनाए रखने को कहा है।

सतीश जारकीहोली ने जताई प्रदेश कांग्रेस बनने की इच्छा

इधर, राज्य सरकार में मंत्री सतीश जारकीहोली ने मंत्री पद बरकरार रखते हुए कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने की इच्छा जताई है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को बताया कि अतीत में एस.एम. कृष्णा, मल्लिकार्जुन खरगे और डी.के. शिवकुमार जैसे वरिष्ठ नेता मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों जिम्मेदारियां एक साथ संभाल चुके हैं। कांग्रेस के भीतर यह भी चर्चा है कि यदि डी.के. शिवकुमार मुख्यमंत्री पद संभालते हैं तो प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नए चेहरे की तलाश शुरू हो सकती है। इस पद के लिए ईश्वर खंड्रे और सतीश जारकीहोली के नाम प्रमुख दावेदारों में माने जा रहे हैं।

दो से तीन उपमुख्यमंत्री किए जा सकते है नियुक्त

सूत्रों के अनुसार, सिद्धरामय्या और डी.के. शिवकुमार खेमों के बीच उपमुख्यमंत्री पदों की संख्या और प्रमुख विभागों के बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है। जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से दो से तीन उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि सिद्धरामय्या इस व्यवस्था के पक्ष में हैं। वहीं, नई कैबिनेट में उनके समर्थक नेताओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। यतींद्र सिद्धरामय्या का नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल बताया जा रहा है। दूसरी ओर, डी.के. शिवकुमार कथित रूप से बेंगलूरु विकास विभाग अपने पास बनाए रखना चाहते हैं ताकि शहर से जुड़ी प्रमुख विकास परियोजनाओं को गति दी जा सके।

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30 May 2026, 10:39 AM IST
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