
बेंगलूरु. राज्य में जनता दल-एस और कांग्रेस गठबंधन सरकार के सत्ता संभालने के एक पखवाड़े बाद बुधवार को एच.डी. कुमारस्वामी मंत्रिमंडल का पहला विस्तार होगा। हालांकि, मंगलवार रात तक यह साफ नहीं हो पाया कि कितने मंंत्री शपथ लेंगे। दोनों दल देर रात तक मंत्रियों के नाम तय करने की कवायद में जुटे थे। कुमारस्वामी ने रात में जद-एस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा से चर्चा के बाद कहा कि उनकी पार्टी के मंत्रियों की सूची तैयार है और वे उसे सुबह राज्यपाल के पास अनुमोदन के लिए भेज देंगे लेकिन अभी कांग्रेस की सूची नहीं मिली है। कांग्रेस की सूची बुधवार सुबह मिलने की संभावना है। गौरतलब है कि दोनों दलों के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन पाने और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विदेश दौरे पर चले जाने के कारण मंत्रिमंडल विस्तार में देरी हुई। २३ मई को मुख्यमंत्री कुमारस्वामी और उपमुख्यमंत्री के तौर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.जी. परमेश्वर ने ही शपथ ली थी। मंत्रिमंडल का गठन नहीं होने के कारण सरकार का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। इसे लेकर विपक्षी भाजपा सत्तारूढ़ गठबंधन पर निशाना साधती रही है।
नहीं भरेंगे सभी पद
राज्य में मुख्यमंत्री सहित ३४ सदस्यीय मंत्रिमंडल हो सकता है। गठबंधन के दोनों घटकों के बीच सत्ता के बंटवारे के लिए विधायकों की संख्या के आधार पर हुए समझौते के मुताबिक कांग्रेस के कोटे में उपमुख्यमंत्री सहित २२ और जद-एस के खाते में मुख्यमंत्री सहित १२ पद हैं। एक जून को दोनों पार्टियों के बीच २२ विभागों के बंटवारे पर भी सहमति बन गई थी। वित्त जद-एस और गृह विभाग कांग्रेस के खाते में है। दोनों पार्टियों के विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि बुधवार को सभी ३२ मंत्री शपथ नहीं लेंगे। गठबंधन के घटक दल के एक साथ सभी पद भरने के बजाय दो चरणों में मंत्रिमंडल विस्तार करना चाहते हैं ताकि असंतोष की स्थिति से निपटा जा सके। विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि बुधवार को कांग्रेस के कोटे से १२ से १८ और जद-एस के कोटे से ७ से ९ मंत्री शपथ ले सकते हैं। कांग्रेस ३-९ और जद-एस २-४ पद रिक्त रखने की तैयारी कर रही है।
शपथ ग्रहण में 12 मिनट की देरी
पिछले सप्ताह दोनों दलों के बीच विभागों के बंटवारे पर सहमति बन जाने के बाद कुमारस्वामी ने कहा था कि नए मंत्री बुधवार दोपहर २ बजे राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में शपथ लेंगे। लेकिन, मंगलवार को शपथ ग्रहण के समय में आंशिक बदलाव हो गया। अब शपथ ग्रहण समारोह दोपहर २.१२ बजे शुरू होगा। राजभवन के ग्लास हाउस में आयोजित समारोह में राज्यपाल वजूभाई वाळा मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
राहुल ने किया घंटे भर मंथन
विदेश प्रवास से लौटने के बाद संभावित मंत्रियों के नाम तय करने के लिए राहुल ने मंगलवार शाम अपने आवास पर प्रदेश के कांग्रेस नेताओं की बैठक बुलाई, जो करीब घंटे पर चली। मंगलवार सुबह ही प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संभावित मंत्रियों की सूची के साथ दिल्ली पहुंच गए थे। कांग्रेस नेताओं ने लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर भी बैठक की।
इससे पहले परमेश्वर ने कर्नाटक भवन में मंत्री पद के दावेदार नेताओं से अलग-अलग मुलाकात भी की। राहुल के आवास पर बैठक में पार्टी के महासचिव और प्रदेश प्रभारी के.सी. वेणुगोपाल, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव और डी के शिवकुमार भी मौजूद थे। बताया जाता है कि राहुल ने १२ नेताओं को मंत्री बनाने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया। इसमें शिवकुमार का नाम भी शामिल बताया जा रहा है और उन्हें एक महत्वपूर्ण विभाग देने की चर्चा है। बाकी नाम बुधवार सुबह तय होंगे। बताया जाता है कि कांग्रेस ने मंत्रियों के चयन में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों का पूरा ख्याल रखा है। बैठक के बाद परमेश्वर ने कहा कि राहुल ने ३-४ पद खाली रखने का सुझाव दिया है।
बसपा को भी मिलेगा मंत्री पद
सूत्रों का कहना है कि गठबंधन में शामिल बसपा के एकमात्र विधायक को भी मंत्री बनाया जाएगा। बसपा का चुनाव पूर्व गठबंधन जद-एस के साथ था। बसपा के विधायक एन. महेश को भी महत्वपूर्ण विभाग दिए जाने की चर्चा है। जद-एस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुंवर दानिश अली ने कहा कि बसपा के इकलौते विधायक को मंत्री बनाकर हम चुनाव पूर्व अपने सहयोगी को पूरा महत्व देंगे। यह पहला मौका होगा जब उत्तर प्रदेश के बाहर बसपा किसी सरकार में भागीदार होगी। अली की पहले बसपा और फिर कांग्रेस के साथ जद-एस के गठबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका रही थी और इसी कारण उन्हें गठबंधन सरकार के संचालन लिए सिद्धरामय्या की अध्यक्षता में गठित समन्वय समिति का संयोजक भी बनाया गया है।
मंत्रियों के चयन पर विवाद नहीं : सीएम
इस बीच, कुमारस्वामी ने मंगलवार को बेंगलूरु में पत्रकारों से बातचीत में संकेत दिया कि जद-एस से ९ मंत्री बुधवार को शपथ ले सकते हैं। बाकी पद बाद में भरे जाएंगे। कुमारस्वामी ने कहा कि जद-एस से ८ या ९ मंत्री शपथ ले सकते हैं जबकि २ या ३ पद खाली रखे जा सकते हैं। कुमारस्वामी ने पार्टी की ओर से संभावित मंत्रियों के नामों को लेकर कुछ नहीं कहा। साथ ही मंत्रियों के चयन को लेकर पार्टी में असंतोष की चर्चाओं को खारिज कर दिया। कुमारस्वामी ने कहा कि पार्टी में इस मसले पर किसी तरह का विरोधाभास नहीं है। विधायकों ने मंत्रियों के चयन के लिए पार्टी के लिए देवेगौड़ा को अधिकृत किया है और वही अंतिम फैसला करेंगे। कुमारस्वामी ने कहा कि हमने अपने विधायकों के साथ बैठक की, जिसमें देवेगौड़ा ने सभी विधायकों से प्रदेश के विकास और बेहतर शासन के वादे पूरे करने के लिए मंत्रिमंडल को पूरा सहयोग देने को कहा।