
बेंगलूरु. कांग्रेस और जद-एस के बीच जारी तकरार को खत्म करने के लिए दोनों दल अपने स्तर पर पहल कर रहे हैं। सरकार को बचाने की कवायद में जुटे मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने भी अब कांग्रेस के नेताओं से बात की है।
सूत्रों के मुताबिक कुमारस्वामी ने समन्वय समिति में शामिल कांग्रेस के सभी नेताओं- पूर्व मुख्यमंत्री व समिति के अध्यक्ष सिद्धरामय्या और प्रदेश प्रभारी महासचिव के सी वेणुगोपाल से बात की है। पांच सदस्यीय समिति में कांग्रेस के तीन सदस्य हैं। इन दोनों नेताओं के अलावा उपमुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी परमेश्वर भी इसके सदस्य हैं।
जबकि जद-एस से मुख्यमंत्री के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कुंवर दानिश अली शामिल हैं। अली समिति के संयोजक भी हैं। जद-एस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हम सिद्धरामय्या के उठाए मुद्दे का समाधान तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। कुमारस्वामी के सिद्धरामय्या को फोन करने को राजनीतिक हलकों में मुख्यमंत्री के अपने पूर्ववर्ती को मनाने की कोशिश मानी जा रही है।
कभी जद-एस में रहे सिद्धरामय्या का संबंध कुमारस्वामी और उनके परिवार के सदस्यों से काफी खटास भरा रहा है लेकिन चुनाव के बाद बदले हालात में सिद्धरामय्या को गठबंधन सरकार के साथ मिलकर काम करना पड़ा। कांग्र्रेस नेताओं का मनाना है कि आलाकमान के दखल के बाद अब सिद्धरामय्या नरम रुख अपनाएंगे और ज्यादा आक्रामक बयान नहीं देेंगे।
दोनों दलों के नेताओं को उम्मीद है कि समन्वय समिति की बैठक में सभी मसले सुलझ जाएंगे। जद-एस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि रविवार को होने वाली समन्वय समिति की बैठक में न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर भी चर्चा होगी। दोनेां दलों के घोषणा पत्र के आधार पर कार्यक्रम तय के लिए गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली और उसे रविवार की बैठक में पेश किया जाएगा। इसमें कृषि ऋण माफी के अलावा कृषि, ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं और देहातों में ढांचागत विकास को प्राथमिकता दी गई है।