एच डी देवेगौड़ा तथा गठबंधन समन्वय समिति के प्रमुख सिद्धरामय्या के बीच चर्चा के बाद दोनों दलों के बीच सहमति बन पाई।
बेंगलूरु. राज्य में सत्तारुढ़ कांग्रेस और जद-एस गठबंधन में मैसूरु नगर निगम के महापौर व उपमहापौर चुनाव को लेकर सहमति बन गई है। बेंगलूरु की तरह महापौर का पद कांग्रेस को मिलेग जबकि उपमहापौर जद-एस के पास रहेगा। दोनों पदों के लिए शनिवार को चुनाव होगा।
बताया जाता है कि जद-एस प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा तथा गठबंधन समन्वय समिति के प्रमुख सिद्धरामय्या के बीच चर्चा के बाद दोनों दलों के बीच सहमति बन पाई।
इससे पहले मैसूरु में दोनों दलों के नेताओं की बीच बैठक में सहमति नहीं बन पाई थी। पर्यटन मंत्री एस आर महेश ने कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री तनवीर सेत से मुलाकात के बाद संकेत दिया था कि अगर कांग्रेस महापौर पद देने के लिए राजी नहीं होती है तो जद-एस अपनी राह चुन सकता है।
महेश ने कहा था कि भाजपा समर्थन देने के लिए तैयार है। सूत्रों के मुताबिक महापौर पद के लिए कांग्रेस की शांता कुमारी अथवा शोभा सुनील का नाम तय है।
इस बीच, जद-एस ने अपने पार्षदों को बिड़दी के पास एक रिजार्ट में ठहराया है। ये पार्षद मतदान के लिए सीधे एमसीसी सभागार पहुंचेंगे।
65 पार्षदों के नगर निगम में भाजपा के 22, कांग्रेस के 19, जद -एस के 18, बसपा का 1 तथा 5 निर्दलीय पार्षद हैं। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं होने से महापौर तथा उपमहापौर बनाने के लिए दो दलों का गठबंधन अनिवार्य है।
स्थानीय सांसद, विधायकों को मिलाकर महापौर को चुनने के लिए 74 लोग मतदान कर सकते हैं। ऐसे में जीत के लिए 38 मतों की आवश्यकता है।
चुनाव अधिकारी के मुताबिक शनिवार सुबह 7 से 9 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल होंगे। अतिरिक्त उपायुक्त टी. योगेश नामांकन पत्र स्वीकृत करेंगे।
चुनाव से पहले चयनित 65 पार्षदों को सदस्यता की शपथ दिलाई जाएगी। एमसीसी के वाडियार सभागार में सुबह 11:30 बजे मतदान होगा।
महापौर का पद सामान्य वर्ग की महिला तथा उपमहापौर का पद पिछड़ा वर्ग 'एÓ (बीसीए) श्रेणी के लिए आरक्षित है।