पाटिल जब वहां पहुंचे तो वहां गंदगी फैली हुई थी। फाइलों का अंबार लगा था। पाटिल ने फौरन सफाई के आदेश दिए
बेंगलूरु. स्वास्थ्य मंत्री शिवानंद पाटिल ने शुक्रवार को प्रदेश दवा नियंत्रण विभाग का औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार को जारी बयान के अनुसार पाटिल जब वहां पहुंचे तो वहां गंदगी फैली हुई थी। फाइलों का अंबार लगा था। पाटिल ने फौरन सफाई के आदेश दिए।
निरीक्षण के बाद पाटिल ने कहा कि बेंगलूरु, हुब्बली और बल्लारी में दवा जांच लैब की सुविधा है। हुब्बली और बल्लारी के लैब में स्टेरिलिटी परीक्षण सुविधा नहीं है। जांच के लिए नमूनों को बेंगलूरु लाना पड़ता है। इसलिए इन लैबों को सभी सुविधाओं लैस किया जाएगा। प्रदेश दवा नियंत्रण विभाग को एनएबीएल की मान्यता मिले, इसके लिए प्रयास जारी हैं।
जैविक अपशिष्ट प्रबंधन को गंभीरता से लेने और समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए पाटिल ने कहा कि विभाग में अधिकारियों व कर्मचारियों की कमी है। कई पदों पर नियुक्तियां लंबित है। इस सिलसिले में वे मुख्य सचिव से चर्चा करेंगे।
------------
कृषि यांत्रिकी को दिया जाएगा अधिक प्रोत्साहन: शिवशंकर रेड्डी
बेंगलूरु. राज्य में कृषि यांत्रिकी को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए सरकार किसानों की हरसंभव मदद करेगी। कृषि मंत्री एनएच शिवशंकर रेड्डी ने यह बात कही। कृषि उपजों के विपणन व्यवस्था में सुधार को लेकर शनिवार को विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक के पश्चात उन्होंने ने कहा कि कृषि विशेषज्ञ, कृषि वैज्ञानिकों के तजुर्बे का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
आज राज्य के किसान कृषि मजदूरों की कमी की समस्या से जूझ रहे हैं। कृषि यांत्रिकी से ही इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर किसानों को रियायती दरों में कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
कृषि को लाभदायक बनाने के लिए प्रति एकड़ अधिक उत्पादन और खर्चे में कटौती करनी होगी। खरीदी मूल्य निर्धारण के लिए गठित कृषि उत्पाद खरीदी मूल्य आयोग को अधिक अधिकारों की दरकार है।