बैंगलोर

किसके निर्देश पर सरकार ने लिया यू-टर्न : शोभा

इससे यह संदेह पैदा होता है कि राज्य सरकार आखिर किनके हितों की रक्षा करना चाहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल को राज्य प्रशासन में हस्तक्षेप करने का अधिकार किसने दिया है, इसका जवाब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को देना चाहिए।

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Dec 31, 2025
यह संदेह पैदा होता है कि राज्य सरकार आखिर किनके हितों की रक्षा करना चाहती है

केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे Shobha Karandlaje ने कोगिलू लेआउट Kogilu Layout में अवैध रूप से रह रहे लोगों को आवास उपलब्ध कराने के राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे एक समुदाय विशेष का तुष्टिकरण करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला अगले वर्ष होने वाले केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस Congress को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लिया गया है।

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घुसपैठियों की पहचान कर बाहर निकालना सरकार की जिम्मेदारी

पार्टी कार्यालय जगन्नाथ भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि इस फैसले से स्पष्ट है कि राज्य सरकार Karnataka Government  रोहिंग्या Rohingya समेत अन्य घुसपैठियों के मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही है, जबकि ऐसे घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इससे यह संदेह पैदा होता है कि राज्य सरकार आखिर किनके हितों की रक्षा करना चाहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल को राज्य प्रशासन में हस्तक्षेप करने का अधिकार किसने दिया है, इसका जवाब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को देना चाहिए।

राज्य सरकार ने स्वयं नोटिस जारी किया था

शोभा ने कहा कि केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन कर्नाटक सरकार को यह सलाह कैसे दे सकते हैं कि उसे क्या करना चाहिए और क्या नहीं। उन्होंने कहा कि क्या कर्नाटक के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के पास प्रशासन चलाने का अनुभव नहीं है। उन्होंने बताया कि कोगिलू लेआउट में सरकारी भूमि पर बने 167 अस्थायी अवैध आवासों को हटाने के लिए राज्य सरकार ने स्वयं नोटिस जारी किया था।

यह फैसला किस नेता के निर्देश पर लिया गया

नोटिस के बावजूद जब अवैध निर्माण नहीं हटे, तब सरकार ने इन्हें ध्वस्त करने का फैसला लिया। लेकिन अब सरकार अपने ही फैसले से यू-टर्न लेते हुए अवैध घुसपैठियों को वैकल्पिक आवास देने की बात कर रही है। ऐसे में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह फैसला किस नेता के निर्देश पर लिया गया। इस मौके पर राज्यसभा सदस्य लहर सिंह सिरोया, विधान पार्षद के.एस. नवीन और प्रदेश प्रवक्ता एम.जी. महेश भी उपस्थित थे।

Updated on:
31 Dec 2025 07:24 pm
Published on:
31 Dec 2025 07:23 pm
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