उच्च न्यायालय का आदेश
बेंगलूरु. कर्नाटक उच्च न्यायालय ने जनहित याचिका दायर कर न्यायालय का कीमती समय बर्बाद करने वाले याचिकाकर्ता पर 5 लाख रुपए और उसके 12 साथियों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया।
कोर्ट ने तुमकूरु में तिप्टूर स्थित कृषि उत्पादन विपणन समिति (एपीएमसी) के परिसर में 3.50 करोड़ रुपए खर्च कर नए कार्यालय भवन निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित करने के मसले पर जनहित याचिका लगाने वालों पर जुर्माना लगाया। 1989 में तिप्टूर में एपीएमसी का भवन बनाया गया था। दो बार कार्यालय का नवीकरण किया गया था। फिर भी नए कार्यालय के लिए भवन बनाने का फैसला साल 2016 में किया था। इसलिए 19 मई 2017 निविदाओं को आमंत्रित किया था।
तिपटूर तहसील बेन्नायकाना हल्ली के बी. एस.देवराज और हूगवनाघट्टा के एच.सी.दिवाकर समेत 11 लोगों ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। मुख्य न्यायाधीश दिनेश महेश्वरी और न्यायाधीश आर.देवराज की खंडपीठ ने गैर जरूरी रूप से याचिका दाखिल कर कोर्ट का कीमती समय बर्बाद करने पर जुर्माना लगाया।
खंडपीठ ने आदेश दिया कि सभी लोग 40 दिन में तुमकूरु जिलाधिकारी को जुर्माना राशि का भुगतान करें। जिलाधिकारी चाहे तो उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकते हंै। जुर्माना राशि एपीएमसी के भवन निर्माण और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर खर्च की जा सकती है।
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गला घोंट कर पत्नी की हत्या, पति गिरफ्तार
बेंगलूरु . राजगोपाल नगर पुलिस ने पत्नी की हत्या के आरोपी पति को गिरफ्तार किया है। राजराजेश्वरी नगर निवासी जगदीश (45) एक कारखाने में काम करता है। उसकी पत्नी सौम्या (29) कपड़ा कारखाने में काम करती थी। चामराज नगर जिले के पिरियापट्टण निवासी जगदीश की पहली पत्नी का देहांत होने पर उसने सौम्या से दूसरा विवाह किया था।
पुत्र पिरियापट्टण में ही पढ़ रहा है। बेंगलूरु आने के बाद सौम्या के एक युवक से संबंध बन गए थे। इसी विषय पर दंपती के बीच हमेशा झगड़ा होता था। गुरुवार को युवक सौम्या से मिलने आया था। कुछ देर बाद जगदीश भी घर लौट आया। युवक उसे देखते ही भाग निकला। इस बात से खफा जगदीश ने देर रात सौम्या का गला घोंट कर हत्या कर दी। फिर थाने जाकर आत्मसमर्पण कर दिया।