
Karnataka SIR:कर्नाटक में वोटर लिस्ट की जांच के लिए चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर अभिनेता प्रकाश राज ने सवाल उठाए हैं। प्रकाश राज का दावा है कि बेंगलुरु की वोटर लिस्ट से उनका नाम हटा दिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए पूछा कि अगर उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो उसे वापस जुड़वाने के लिए अब उन्हें कौन-कौन से कागज दिखाने होंगे।
प्रकाश राज ने कहा कि उनका जन्म और बचपन इसी इलाके में बीता है। उन्होंने यहीं स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई की और थिएटर में भी काम किया। ऐसे में उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं मिलने की बात उन्हें हैरान करती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उनके जैसे व्यक्ति का नाम भी वोटर लिस्ट से हट सकता है तो आखिर SIR में नाम हटाने का आधार क्या है। हालांकि, फिलहाल यह प्रकाश राज का दावा है और उनके नाम को हटाए जाने की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है।
प्रकाश राज ने कहा कि अब वह यह पता लगाएंगे कि अपना नाम और वोटर ID दोबारा हासिल करने के लिए उन्हें क्या प्रक्रिया पूरी करनी होगी। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को लेकर पीछे नहीं हटेंगे।
अभिनेता ने यह सवाल भी उठाया कि क्या किसी नागरिक को वोट देने के अधिकार से सिर्फ इसलिए दूर किया जा सकता है क्योंकि वह सरकार या किसी उम्मीदवार के खिलाफ वोट कर सकता है।
उन्होंने कहा कि सत्ता के पास अपनी ताकत होती है, लेकिन जनता के पास भी वोट की ताकत है। इसी के जरिए लोग अपने प्रतिनिधि चुनते हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें बदल भी सकते हैं। प्रकाश राज 2019 में बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। इसलिए उनका यह दावा सामने आने के बाद कर्नाटक की SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
कर्नाटक में SIR के तहत वोटर लिस्ट की दोबारा जांच की जा रही है। संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक राज्य की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 24 अगस्त को जारी होगी। इसके बाद आपत्तियों और दावों की प्रक्रिया चलेगी और अंतिम वोटर लिस्ट 27 अक्टूबर को जारी की जाएगी। वोटर लिस्ट में बदलाव के लिए 1 अक्टूबर 2026 को आधार तारीख माना गया है।
इसका मतलब साफ है कि SIR की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। ऐसे में जिन लोगों को लगता है कि उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है या गलत तरीके से हट गया है, वे तय प्रक्रिया के तहत अपना दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
प्रकाश राज के मामले में भी अब यही देखना होगा कि उनका नाम किस वजह से वोटर लिस्ट में नहीं दिख रहा है और उसे दोबारा जोड़ने के लिए उन्हें क्या प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
फिलहाल प्रकाश राज के दावे ने कर्नाटक SIR पर एक नया सवाल खड़ा कर दिया है। अगर उनका नाम भी वोटर लिस्ट में नहीं है, तो आम मतदाता अपने नाम को लेकर कितना सतर्क रहे?