बैंगलोर

संस्कृति के प्रसार में रामचरित मानस की अहम भूमिका

गोस्वामी तुलसीदास जयंती मनाई

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संस्कृति के प्रसार में रामचरित मानस की अहम भूमिका

बेंगलूरु. सिद्धार्थ सांस्कृतिक परिषद के तत्वावधान में शुक्रवार को आरटीनगर स्थित बिहार भवन में गोस्वामी तुलसीदास जयंती मनाई गई। परिषद के अध्यक्ष उदय कुमार, सचिव अरुण झा सहित अन्य गणमान्य जनों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। परमानंद शर्मा के नेतृत्व में सुंदरकांड पाठ किया गया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने गोस्वामी तुलसीदास को आदि कवि बताते हुए कहा कि भारत की सनातन परंपरा को पूरे देश में प्रचारित करने में तुलसीदास रचित रामचरितमानस की महती भूमिका रही। बच्चों ने तुलसीदास रचित दोहे, छंद और चौपाइयों का वाचन किया। श्रीकांत शर्मा, रामकिंकर सिंह, बिनय कुमार, दीपेश कुमार ने सहयोग दिया। बिजयशंकर सिंह, रामलखन सिंह, हरिश्चंद्र झा, राजेश्वर सिंह, देवेश चौबे उपस्थित थे। आभार राजगुरु ने जताया।

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आचार्य जयमल जन्मोत्सव की तैयारियों पर चर्चा
बेंगलूरु. जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में आयोजित बैठक में आचार्य जयमल के दो दिवसीय 311वें जन्मोत्सव की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। सफल आयोजन के लिए विभिन्न समितियों का गठन कर व्यवस्थाओं का आवंटन किया गया। जन्मोत्सव पर प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम के अलावा मानव सेवा, जीव दया के लिए भी अनेक योजनाएं बनाई गईं। बैठक में चातुर्मास संयोजक चैनराज गोटावत, संघ अध्यक्ष मीठालाल मकाणा, अमरचंद चोरडिय़ा, मदनचंद चोरडिय़ा, उगमराज बोहरा, महेंद्र कुमार श्रीश्रीमाल आदि उपस्थित थे।

कुक्के सुब्रमण्या मंदिर ट्रस्ट ने दिए 3 करोड़
बेंगलूरु. दक्षिण कन्नड़ जिले के सुल्या तालुक में स्थित कुक्के सुब्रमण्या मंदिर की प्रबंधन समिति ने कोडग़ू जिले के बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री बाढ़ राहत कोष में 3 करोड़ रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। मंदिर प्रबंधन समिति के चेयरमैन नित्यानंद मुंदोड़ी ने धनराशि का एक चैक विजया बैंक की सुब्रमण्या शाखा के प्रबंधक को सौप दिया। उन्होंने शुक्रवार को यहां जारी बयान में कहा कि कमेटी ने पूर्व में इस मकसद के लिए 2 करोड़ रुपए दान देने का निर्णय किया था लेकिन सरकारी आदेश के बाद इस धनराशि में बढ़ोतरी की गई है। रायचूर के मंत्रालयम स्थित राघवोंद्र स्वामी मठ ने भी 15 लाख रुपए दिए हैं।

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Published on:
25 Aug 2018 08:14 pm
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