जिला प्रशासन ने बाढ़ और वर्षाजनित हालातों के मद्देनजर 15 अगस्त को यहां के पर्यटन स्थलों पर प्रतिबंध घोषित किया था
मडिकेरी. जिले में फिर एक बार बारिश का दौर शुरू हुआ है, जिसके कारण यहां का पर्यटन उद्यम चरमरा गया है। सामान्य वर्षों में सितम्बर माह में यहां के तलकावेरी तथा भागमंडल पर्यटन स्थलों में सैंकड़ों पर्यटकों की चहल-पहल दिखाई देती थी। लेकिन अबकी बार यहां सन्नाटा फैला है।
पर्यटकों के अभाव में जिले के होटल तथा होम स्टे में कोई कारोबार नहीं हो रहा है। पर्यटकों से होने वाली आय पर निर्भर लोगों का जीवन दूभर होता जा रहा है।
जिला प्रशासन ने बाढ़ और वर्षाजनित हालातों के मद्देनजर 15 अगस्त को यहां के पर्यटन स्थलों पर प्रतिबंध घोषित किया था। 9 सितम्बर को यह प्रतिबंध हटाने की घोषणा होने के बावजूद मशहूर चेलीवार, अब्बी जैसे जलप्रपात, कुशालनगर निसर्ग धाम, दूबारे हाथी शिविर, प्राकृतिक सुंदरता वाले राजा सीट, तलकावेरी, भागमंडल आदि पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या नगण्य है। भागमंडल के मंदिर की भोजनशाला में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाता था, लेकिन अब इस भोजन शाला में केवल 20-25 श्रद्धालु ही प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं।
राजा सीट पर्यटन क्षेत्र में प्रति दिन 2000 से अधिक पर्यटक यहां के रमणीय सूर्यास्त की आभा का लुत्फ उठाने पहुंचते थे, जिसके कारण यहां कई बार घंटों तक यातायात बाधित होती थी, लेकिन अब यहां केवल गिने-चुने विदेशी पर्यटक ही दिखाई दे रहे हैं। राजा सीट की संपर्क सड़क पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है।
यहां के होटल तथा होम स्टे मालिक संघ के मुताबिक मीडिया में कोडुगू जिले में अगस्त माह में हुई अप्रत्याशित बारिश के कारण अब कोई पर्यटन क्षेत्र ही नहीं बचा है, ऐसा प्रचार किए जाने के कारण यहां अन्य राज्यों के पर्यटकों की संख्या में काफी गिरावट हुई है। जबकि यह वास्तविकता नहीं है। जिला प्रशासन ने केवल अब्बी जलप्रपात की संपर्क सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रतिबंध लगाया था। जबकि जिले के अन्य पर्यटन स्थानों पर कोई प्रतिबंध नहीं है।