बैंगलोर

सबरीमाला मंदिर फैसला : 12 साल पहले कन्नड़ अभिनेत्री के दावे से सुर्खियों में आया था मामला

जयमाला ने जून 2006 में दावा किया था कि उन्होंने वर्ष 1987 में अपने पति के साथ सबरीमाला मंदिर में न सिर्फ प्रवेश किया था बल्कि भगवान अयप्पा के चरण स्पर्श भी किए थे
2 min read
• •
Updated: 28 Sep 2018, 7:01 PM IST
minister jayamala
सबरीमाला मंदिर फैसला : 12 साल पहले कन्नड़ अभिनेत्री के दावे से सुर्खियों में आया था मामला

बेंगलूरु. सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 वर्ष के महिला श्रद्धालुओं के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध का मामला १२ साल पहले संडलवुड की एक अभिनेत्री के दावे के कारण सुर्खियों में आया था। कन्नड़ फिल्म उद्योग की अभिनेत्री जयमाला ने वर्ष 2006 में दावा किया था कि उन्होंने २७ साल की उम्र में नियमों के विपरीत मंदिर में प्रवेश किया था। जयमाला के इस दावे को लेकर काफी विवाद हुआ था।
जयमाला ने जून 2006 में दावा किया था कि उन्होंने वर्ष 1987 में अपने पति के साथ सबरीमाला मंदिर में न सिर्फ प्रवेश किया था बल्कि भगवान अयप्पा के चरण स्पर्श भी किए थे। जयमाला ने यह बात एक ज्योतिषी के मंदिर में महिला के प्रवेश के दावे के बाद कही थी। जयमाला के दावे के बाद केरल पुलिस ने उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने को लेकर मामला भी दर्ज किया था। वर्ष 2010 में केरल पुलिस की अपराध शाखा ने जयमाला के खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया था। हालांकि, केरल उच्च न्यायालय ने वर्ष 2012 में जयमाला के खिलाफ पुलिस की ओर से ज्योतिषी के दावे के आधार पर दाखिल आरोप पत्र को खारिज कर दिया था।

जिंदगी का सबसे खुशनुमा क्षण : जयमाला
जयमाला अब राज्य विधान परिषद की सदस्य हैं और राज्य मंत्री परिषद की एकमात्र महिला सदस्य भी। महिला व बाल विकास विभाग का दायित्व संभाल रही जयमाला ने सबरीमाला मंदिर मामले में शीर्ष अदालत के फैसले का स्वागत किया है। अदालत के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए जयमाला ने कहा कि इससे महिलाओं को न्याय मिला है। जयमाला ने कहा कि उनके जीवन में यह खुशी का सबसे बड़ा क्षण है। जयमाला ने कहा कि वे महिलाओं के साथ शीर्ष अदालत और जजों की शुक्रगुजार हैं। जयमाला ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका और आम्बेडकर के लिखे संविधान पर भरोसा था और आज फैसले से मिले न्याय ने इसे सिद्ध कर दिया। जयमाला ने कहा कि उन्हें ऐसे ही फैसले की उम्मीद थी।
वर्ष 2006 के दावे से उपजे विवाद के बारे में पूछे जाने पर जयमाला ने कहा कि उस वक्त भी उन्हें ईश्वर और न्यायपालिका पर भरोसा था और आज यह विश्वास सही साबित हुआ है। अदालत के फैसले से कुछ वर्गों की असहमति के बारे में पूछे जाने पर जयमाला ने कहा कि ईश्वर रक्षा करेगा। जयमाला ने कहा कि महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटने के बाद अब वे मंदिर जाने के बारे में सोच रही हैं। जयमाला ने कहा कि यह मानवीयता की जीत है।

Updated on:
28 Sep 2018, 7:01 PM IST
Published on: