बैंगलोर

कड़ी मेहनत से सफलता: सोनू सूद

उनकी मां ने उनको संदेश दिया था अपने पास जो भी बेहतरीन हुनर है हमें उसे समाज में बांटना चाहिए

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कड़ी मेहनत से सफलता: सोनू सूद

बेंगलूरु. युवा सम्मेलन में बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता सोनू सूद ने अपने जीवन की यादें साझा करते हुए कहा कि उनकी मां एक शिक्षिका थी। उनकी मां के संस्कारों के कारण ही उनके जीवन को एक नई दिशा मिली थी। उनकी मां ने उनको संदेश दिया था अपने पास जो भी बेहतरीन हुनर है हमें उसे समाज में बांटना चाहिए। इससे समाज का सबलीकरण संभव है।

उन्होंने कहा कि जीवन की कोई भी मंजिल हासिल करने के लिए हमें कड़ी मेहनत करनी होगी इसका और कोई विकल्प नहीं है। अथक प्रयासों के बलबूते पर ही हम सफल हो सकते है। जीवन में जब हम कुछ अलग करने का प्रयास करते है तब हमें नकारात्मक मानसिकता से पीडि़त लोग हतोत्साहित करने का प्रयास करते है लेकिन हमें ऐसे लोगों की अनदेखी करते हुए खुद पर भरोसा रखते हुए लक्ष्य की ओर सफर जारी रखना चाहिए। अभियांत्रिकी शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात जब उन्होंने मॉडलिंग या फिल्म क्षेत्र में कदम रखने का इरादा व्यक्त किया तब कई लोगों ने इसका पुरजोर विरोध किया था लेकिन आज यहां पर सफलता प्राप्त करने के बाद यही लोग उनके फैसले की सराहना कर रहें है। ऐसे लोगों के ्लिए हमारी सफलता ही करारा जबाव होती है।

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एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारा परिवार हमारे लिए काफी मायने रखता है। हम व्यस्त जीवन में चाहे जीतनी दौड़-धूप करे आखिरकार हमें परिवार के सदस्यों के प्यार से भरे दो शब्दों से जो सुकुन मिलता है ऐसा सुकुन और कहीं नहीं मिल सकता है। पारिवारिक रिश्ते ही हमारे देश की संस्कृति के अनूठी मिसाल है। ऐसे भावनात्मक रिश्ते हमें दुनिया के किसी अन्य देश में देखने को नहीं मिलते है। हमारे परिजनों के त्याग-तपस्या के कारण ही हमें सफलता मिलती है। उन्होंने कहा कि हमारे मन में जब भी कोई अच्छा विचार आता है तब हमें उसे लिखकर रखना चाहिए। ऐसे प्रेरक विचार जीवन की विषम स्थिति में हमारा मानसिक स्थैर्य संतुुलित रखने में सहायक साबित होते है।

आत्मनिर्भर बनें युवा
जीतो युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष संजय धारीवाल ने कहा कि युवा के लिए आवश्यक गुणात्मक शिक्षा, छात्रावास, उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा के पश्चात स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिए सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कर रहा है। जिसके परिणाम स्वरुप देश के सैंकडों युवा आज आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ समाज के विकास के लिए योगदान दे रहें है। स्पर्धात्मक परिक्षाओं के प्रशिक्षण वर्गों के कारण आज समाज के कई युवा भारतीय प्रशासनिक सेवा, प्रबंधन सेवा में सफलता हासिल कर रहें है। जीतो युवा प्रकोष्ठ के सचिव सिद्धार्थ पटवा ने कहा कि जीतो के माध्यम से देश की युवा शक्ति का सबलीकरण किया जा रहा है। संगठन के प्रयासों के कारण जैन युवा अब रोजगार के लिए नहीं भटक रहे हैं, वे स्वयं ही अब रोजगार सृजन कर रहें है।

बेंगलूरु जीतो युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष योगेश चौधरी ने कहा कि जीतो की ओर से आयोजित प्रतिमाह आयोजित कार्यक्रमों का लाभ समाज की युवा शक्ति तक पहुंच रहा है। ऐसे ज्ञानवर्धक शिविरों के कारण युवाओं में हमें सरकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। युवा प्रकोष्ठ के माध्यम से जीतो के कई कार्यक्रम आज जन-जन तक पहुंच रहें है।

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Published on:
27 May 2018 06:17 pm
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