बैंगलोर

खेलों के माध्यम से भी जीवन संवारना संभव : सुधाकर

खेलों में जीत या हार एक ही सिक्के के दो पहलू होते है।
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खेलों के माध्यम से भी जीवन संवारना संभव : सुधाकर

जीवन में भी हमें इसी मनोभाव को अपनाते हुएसम तथा विषम स्थिति में मनस्थिति को नियंत्रित करना चाहिए

चिकबल्लापुर. खेलों के माध्यम से भी युवा अपने जीवन को संवार सकते है। देश की विभिन्न खेलों की प्रतिभाओं ने यह साबित कर दिखाया है कि खेलों में परिणीति हासिल कर हम देश का नाम रोशन कर सकते है। स्थानीय विधायक सुधाकर ने यह बात कही।

यहां शुक्रवार को एसजेसीआइटी कैंपस में विश्वेश्वरय्या तकनीकी शिक्षा संस्थान की ओर से आयोजित 21 वी अंंतर कॉलेज खेल प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में भाग लेते हुए उन्होंने कहा कि खेलों में जीत या हार एक ही सिक्के के दो पहलू होते है।

खेल हमें जीत तथा हार को एक समान भाव से स्वीकृत करने की शिक्षा प्रदान करते है। जीवन में भी हमें इसी मनोभाव को अपनाते हुएसम तथा विषम स्थिति में मनस्थिति को नियंत्रित करना चाहिए। खेल कूद व्यक्तित्व के विकसन के लिए सहायक होने के कारण अभिभावकों को भी बच्चों को खेल-कूद के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

चार दिवसीय इस खेल प्रतियोगीता के उद्घाटन समारोह में आदि चुंचनगिरी शाखा मठ के प्रमुख मंगलानंदनाथ स्वामी, जिलाधिकारी अनिरुध्द श्रवण, अर्जुन पुरस्कार से पुरस्कृत खिलाडी रमेश टिकाराम उपस्थित थे। प्रतियोगिता में राज्य के 218 अभियांत्रिकी कॉलेज के 18 00 विद्यार्थी भाग ले रहें है।

किसानों की ऋणमाफी से बैंक दिवालिया होने के कगार पर : सुधाकर
चिकबल्लापुर. मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने आनन-फानन में बगैर कोई तैयारी करते हुए किसानों का 47 हजार करोड़ रुपए की ऋणमाफी घोषित कर दी है। लेकिन इस ऋणमाफी के कारण बैंक दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गए है।

विधायक डॉ सुधाकर ने यह बात कही। यहां शुक्रवार को उन्होंने कहा कि ऋण माफी की राशि राज्य सरकार की ओर से बैंकों में जमा नहीं होने के कारण बैंक किसानों को ऋणमुक्ति का प्रमाणपत्र नहीं दे रहें है। साथ में किसानों को नए ऋण नहीं मिल रहें है।

Updated on:
27 Oct 2018 06:13 pm
Published on:
27 Oct 2018 06:13 pm