सीएम बोले, विभागों के बंटवारे में शैक्षणिक योग्यता पैमाना नहीं
बेंगलूरु. कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार में शुक्रवार को हुए विभागों को बंटवारे में उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी जद-एस के वरिष्ठ नेता जी टी देवेगौड़ा को मिली है। लेकिन देवेगौड़ा इससे खुश नहीं है। साथ ही सिर्फ आठवीं पास नेता को उच्च शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर विवाद भी उभरा है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने विवादों को खारिज करते हुए कहा कि मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे में उनकी शैक्षणिक योग्यत कोई पैमाना नहीं था।
मंत्रियों के बीच कामकाज का बंटवारा उनकी दक्षता और कार्यकुशलता के आधार पर किया गया है।
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस बारे में पूछे जाने पर कुमारस्वामी ने कहा कि मैं कितना पढ़ा हूं लेकिन आज मुख्यमंत्री के तौर पर काम कर रहा हूं। विज्ञान स्नातक कुमारस्वामी ने यह बात देवेगौड़ा के गैर स्नातक होने के बावजूद उच्च शिक्षा विभाग मिलने से नाराज होने के बारे में पूछे जाने पर कही। कुमारस्वामी ने सवालिया लहजे में कहा कि उच्च शिक्षा और लघु सिंचाई से अच्छा कोई विभाग हो सकता है जहां काम करने का बेहतर मौका हो। अगर कोई काम करना चाहता है तो उसके लिए विभाग कोई समस्या नहीं है। हर मंत्री के पास अपने विभाग में अच्छा करने का मौका है। कुमारस्वामी ने कहा कि कुछ मंत्री वित्त विभाग चाहते हैं लेकिन क्या अब मैं उन्हें यह विभाग दे दूं। कुछ फैसले पार्टी के अंदर होते हैं।
'मैं कॉलेज में भी नहीं पढ़ा...'
विभागों के बंटवारे को लेकर नाराज चल रहे देवेगौड़ा शनिवार को दिन भर पार्टी नेताओं के संपर्क में नहीं आ पाए लेकिन उनके करीबी समर्थकों का कहना है कि वे उच्च शिक्षा विभाग मिलने से असंतुष्ट हैं। बताया जाता है कि देवेगौड़ा ने अपने करीबियों से कहा कि वे ऐसा विभाग चाहते थे जहां उन्हें लोगों से मिलने-जुलने का ज्यादा मौका मिले। मैंने सोचा था कि मुझे राजस्व या परिवहन विभाग मिलेगा लेकिन उन्होंने मुझे उच्च शिक्षा विभाग दे दिया। यह इसके बावजूद हुआ कि मैंने कॉलेज की पढ़ाई नहीं की है।