
बेंगलूरु. अणुव्रत समिति बेंगलूरु के तत्वावधान में अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतर्गत मुनि रणजीत कुमार एवं मुनि रमेश कुमार के सान्निध्य में अणुव्रत प्रेरणा दिवस का आयोजन यशवंतपुर स्थित तेरापंथ भवन में किया गया। मुनि रणजीत कुमार ने कहा कि जीवन में नैतिक मूल्यों की प्रतिष्ठा आवश्यक है। गिरते हुए मानवीय मूल्यों को अणुव्रत अपनाकर रोका जा सकता है।
अणुव्रत व्यक्ति को सुधारने में विश्वास करता है। व्यक्ति सुधरने से ही समाज व देश में नैतिकता का विकास हो सकता है। छोटे-छोटे नियमों को अपनाकर स्वस्थ समाज का निर्माण भी हो सकता है। मुनि रमेश कुमार ने कहा कि हिंसा भ्रष्टाचार और अपराध की धधकती हुई ज्वाला मानवीय मूल्यों को जिस तरह से भस्म कर रही है। यह सबके लिए चिंतनीय है। अणुव्रतों को अपनाकर इसे रोका जा सकता है। इसलिए अणुव्रत संप्रदाय युक्त धर्म है। अणुव्रत आंदोलन विशुद्ध अर्थ में नैतिक आंदोलन है। सामाजिक संदर्भों में यह अपराध चेतना को बदलने का आंदोलन है।
आपने अणुव्रत से जुड़े कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देते हुए कहा-आज अणुव्रत आचार संहिता को व्यापक रूप से लोगों को समझा कर इसे अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। आगामी वर्ष में आचार्य के प्रवास से पूर्व बेंगलूरु शहर में व्यसन मुक्ति और आहार शुद्धि के लिए प्रेरक परिसंवाद, लघु नाटिका आदि के माध्यम से प्रचार-प्रसार हो सके तो लोग अवश्य अणुव्रतों को अपनाएंगे।
मुख्य वक्ता तेरापंथ महासभा के पूर्व अध्यक्ष समाजसेवी हीरालाल मालू ने कहा कि अणुव्रत को अपनाकर हम समस्या मुक्त हो सकते हैं। परिवार समाज सबके लिए अणुव्रत उपयोगी है। चार प्रकार के नशा का उल्लेख करते हुए तीन प्रकार के नशा छोडऩे की सलाह दी। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्रोच्चारण से हुआ। अणुव्रत समिति की सदस्याओं ने मंगलाचरण किया। तेरापंथ सभा यशवंतपुर के अध्यक्ष प्रकाश बाबेल ने अणुव्रत पर विचार व्यक्त करते हुए अतिथियों का स्वागत किया। अणुव्रत समिति के अध्यक्ष कन्हैयालाल चिप्पड़ ने अणुव्रत को मानव कल्याण का आंदोलन बताया। उपाध्यक्ष मदनलाल बरडिय़ा ने विचार व्यक्त किए।
तेरापंथ महिला मंडल यशवंतपुर ने अणुव्रत गीत व अनुवर्ती कार्यकर्ता चंद्रशेखर राव ने कन्नड़ भाषा में गीत प्रस्तुत किया। अणुव्रत समिति की ओर से अतिथियों को साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन बबीता चोपड़ा ने किया। सुरेश महनोत ने आभार व्यक्त किया। आज के कार्यक्रम मे टी. दासरहल्ली सभा के अध्यक्ष लादूलाल, मंत्री नवरतन गांधी, राजाजीनगर के मंत्री मदन बोराणा, अणुव्रत के सहमंत्री प्रवीण बोहरा संगठन मंत्री चन्द्रशेखराया, रूपचन्द देसरला, धर्मेन्द्र बरलोटा, राजेन्द्र बैद, रामलाल गन्ना व आशा सेठिया, यशवंतपुर के सह मंत्री सुरेन्द्र सेठिया, संगठन मंत्री महावीर ओस्तवाल, कोषाध्यक्ष सम्पत डूंगरवाल के अतिरिक्त श्रावक- श्राविकाओं की उपस्थिति रही।