बैंगलोर

चामुंडेश्वरी माता मंदिर तक निकाली पदयात्रा

भक्तों ने जयकारों के साथ माता के दर्शन किए

2 min read
चामुंडेश्वरी माता मंदिर तक निकाली पदयात्रा

मंड्या. राजस्थानी नवयुवक मंडल की ओर से बन्नूर गांव से चामुंडी पहाड़ी स्थित चामुंडेश्वरी माता मंदिर तक करीब 38 किमी पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा शुक्रवार रात 10.30 बजे शुरू हुई जो रंगसमुद्रा, रंगस्वामी गेट, मादेहणहुड्डी, मेलहल्ली, बिदरणहुड्डी मार्ग से होते हुए चामुंडी पहाड़ी स्थित चामुंडेश्वरी माता मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। भक्तों ने जयकारों के साथ माता के दर्शन किए। पदयात्रा में महेद्र सिंह राजपुरोहित, महेद्र पालावत, सोहनलाल सीरवी, मोहनलाल सीरवी, प्रकाश सीरवी, अशोक भाटी सहित 38 सदस्यों ने भाग लिया।


विविधताओं से भरा है जीवन
बेंगलूरु. शांतिनगर जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ में आचार्य महेंद्र सागर ने कहा कि इस विराट विश्व की प्राणी सृष्टि पर जब नजर करते हैं तब अनेक विविधताओं और विचित्रताओं के दर्शन होते हैं। उन्होंने कहा कि अन्य प्राणी सृष्टि की बात छोड़ दीजिए अगर मानव सृष्टि पर भी नजर करें तो कहीं भी समानता नजर नही आ रही, विविधता ही नजर आ रही है। यहां एक दूल्हा घोड़े पर चढ़ा है तो उधर जनाजा उठाया जा रहा है। यहां एक व्यक्ति सिंहासन पर बैठा है जिसके आदेश पर अनेक नौकर चाकर इक_े हो जाते हैं और वहां आदेश के साथ ही आज्ञा का पालन करने लग जाते हैं। तो दूसरी तरफ रास्ते में खड़ा एक भिखारी नजर आता है जो सब तरफ से तिरस्कारित और अपमानित किया जा रहा है। भरपेट भोजन भी उसको नहीं मिल रहा है। ऐसी घटनाएं देखने और सुनने के बाद प्रश्न होता है कि इन समस्त घटनाओं के पीछे कौनसी शक्ति काम कर रही है। सही अर्थों में देखा जाए तो संसार में रहे हुए सभी जीवों में जो विचित्रता दिख रही है वह कर्म के कारण ही है। ये कर्म न होते तो मनुष्यों की समान अवस्थाएं होती।

ये भी पढ़ें

हर जीव परस्पर एक दूसरे का उपकारी


धूमधाम से मनाया महोत्सव
मंड्या. श्राीरंगपट्टनम तहसील के गेडवाशणहल्ली गांव में शुक्रवार रात को चामुडेश्वरी माता महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। भक्तों ने विशेष पूजा में भाग लिया। इस मौके पर गांव को विद्युत रोशनी से सजाया गया। प्रसाद भी वितरित किया गया।

ये भी पढ़ें

अनुकरणीय है भगवान महावीर की वाणी
Published on:
02 Sept 2018 05:20 pm
Also Read
View All