
बेंगलूरु. तेरापंथ सभा गांधीनगर में साध्वी कंचनप्रभा एवं साध्वी मंजूरेखा के सान्निध्य में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। इसमेंं 42 प्रशिक्षक बहन संभागी बनीं। शिविर के माध्यम से मौखिक परीक्षा का आयोजन हुआ। प्रशिक्षण उपासक डालमचंद नौलखा ने दिया।
डालमचंद ने कहा कि ज्ञानशाला प्रशिक्षक बहनों को तत्वज्ञान की जानकारी होना जरूरी है। विवेकपूर्ण बहनें अपने दायित्व को समझ कर कार्य करें इससे विकास हो सकता है।
साध्वी कंचनप्रभा कहा कि ज्ञानशाला के माध्यम से संस्कारों का बीजारोपण होता है। बहनें बच्चों को संस्कारों के साथ ज्ञानशाला पाठ्यक्रम के माध्यम से बच्चों को पढ़ा रही हैं। बेंगलूरु ज्ञानशाला विकास की ओर है। साध्वी मंजूरेखा ने कहा कि प्रशिक्षक बहनें घर को संभालते हुए पूरे श्रम से ज्ञानशाला में सेवा दे रही हंै। यह संघ के प्रति सच्चा समर्पण है। आंचलिक संयोजक माणकचंद संचेती ने ज्ञानशाला के बारे में विचार व्यक्त किए।
उपाध्यक्ष दीपचंद नाहर ने स्वागत में कहा कि उपासक डालमचंद इतनी लम्बी-लम्बी यात्रा कर हर क्षेत्र में प्रशिक्षक बहनों को उपासक श्रेणी तैयार कर रहे हैं। बिन्दू नाहर, कल्पना सेठिया, सीमा श्रीमाल ने विचार व्यक्त किए। संचालन क्षेत्रीय संयोजिका नीता गादिया ने किया। आभार चेतना वेद मूथा ने ज्ञापित किया। सभा मंत्री प्रकाशचंद लोढ़ा ने साहित्य प्रदान कर डालमचंद नौलखा का
सम्मान किया।
श्रावक संघ 30 को जाएगा चेन्नई
बेंगलूरु. जैन श्वेताम्बर सभा बेंगलूरु के तत्वावधान में साध्वी कंचनप्रभा की प्रेरणा से श्रावक-श्राविका संघ 30 सितम्बर को चेन्नई जाएगा। जहां तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर आचार्य महाश्रमण का दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे। इस दौरान आदिचुुचनगिरि मठ के प्रमुख निर्मलानंदनाथ स्वामी, मेजर जनरल एनएस राजपुरोहित, एचपी खींचा, दिलीप सुराणा, लहर सिंह सिरोया, केसाराम चौधरी, निर्मल कुमार सुराणा, चैनराज छाजेड़, तेजराज गुलेच्छा आदि गणमान्य वहां पहुंचेंगे। साथ ही महावीर अस्पताल, आदर्श विद्या संघ, जीतो, केएमवाइएफ, जैन कॉलेज, मूर्तिपूजक समाज, स्थानकवासी समाज के पदाधिकारी शामिल होंगे। करीब 400 श्रावकों के संघ का प्रायोजक देवराज मूलचंद नाहर चैरिटेबल ट्रस्ट है। व्यवस्थाओं में दीपचंद नाहर, प्रकाशचंद लोढ़ा, अशोक कोठारी, ललित आच्छा, सम्पत चावत आदि जुटे हुए है।