
बेंगलूरु. बंडीपुर बाघ संरक्षित क्षेत्र एवं नागरहोले नेशनल पार्क में शुक्रवार को दो बाघ मृत पाए गए। चामराजनगर एवं मैसूरु जिला स्थित दोनों वन क्षेत्रों में एक ही दिन में दो बाघों का मृत पाया जाना बेहद चौंकाने वाला रहा।
पहली घटना बंडीपुर में सामने आई जिसमें एक बाघ कलियाहकट्टे वन क्षे। में मृत पाया गया। बाघ की उम्र करीब 10 से 12 वर्ष के बीच है। पिछले दिनों स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग से शिकायत की थी कि एक बाघ अक्सर गांव के आसपास देखा जाता है और उसने कई पालतू जानवरों को अपना शिकार भी बनाया है जिस कारण ग्रामीणों में भय व्यापत है। ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर वन विभाग ने द्रोण् और अशोक हाथी के साथ मिलकर वन क्षेत्र में बाघ की तलाश शुरू की और इसी दौरान शुक्रवार दोपहर उन्हें बाघ मृत मिला।
वन संरक्षक एवं बंडीपुर बाघ संरक्षित क्षेत्र के निदेशक अंबाडी माधव ने कहा कि बाघ का पोस्टमार्टम कराया गया है और उसके आंत का नमूना पशु स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा जीवविज्ञान संस्थान बेंगलूरु भेजा जाएगा जिससे बाघ की मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
एक अन्य मामले में नागरहोले नेशनल पार्क में करीब 10 वर्षीय बाघ मृत मिला। वन विभाग ने संदेह जताया कि कलहला वन क्षेत्र में दो बाघों के बीच हुई लड़ाई के दौरान इस बाघ की मौत हुई होगी।
विभाग को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। गौरतलब है कि बंडीपुर में करीब 110 से 130 की संख्या में बाघ हैं जबकि हजारों की संख्या में हाथियों की आबादी है। हालांकि नेशनल पार्क आसपास करीब 150 गांव हैं जिस कारण अक्सर मानव-पशु संघर्ष की घटनाएं सामने आती रहती हैं। पिछले वर्ष इन दोनों वन क्षेत्रों में 11 बाघ मृत पाए गए थे।