वासुपूज्य स्वामी संघ अक्कीपेट में आचार्य चंद्रयश सूरीश्वर के प्रवचन
बेंगलूरु. वासुपूज्य स्वामी संघ अक्कीपेट में आचार्य चंद्रयश सूरीश्वर ने प्रवचन में कहा कि आधुनिकता के विस्तार से समाज में बड़ी तेजी से परिवर्तन हो रहा है। मनुष्य ने अपनी स्वाभाविक प्रवृत्तियों को छोड़कर आधुनिकता का आवरण ओढ़ लिया है। उन्होंने कहा कि मानव का मन भी इससे अछूता नहीं है। अहंकार और स्वार्थ से भरे मस्तिष्क में स्वकल्याण के अलावा कोई बात आती ही नहीं।
आचार्य ने कहा कि मनुष्य विधाता की सर्वश्रेष्ठ कृति है क्योंकि जो बुद्धि और विवेक उसे मिला है वह अन्य प्राणियों में नहीं है। वर्तमान में चका चौंध वाली जिंदगी में अपने नियमों और सुसंस्कारों को ताक पर रख दिया है। यही कारण है कि उसका दिमाग प्रदूषित हो गया है। इस प्रदूषण से समाज और मनुष्य में अनेक विकृत्तियों ने जन्म ले लिया है। शनिवार को आचार्य के साथ मुक्तिसागर सूरी आदि ठाणा श्रीसंघ पहुंचे, जहां दोनों प्रभावक सूरीश्वरों का मिलन हुआ। चातुर्मास प्रवेश: आचार्य का 17 जुलाई को सिद्धाचल धाम में चातुर्मास प्रवेश होगा।
मुनि सुव्रत स्वामी का जप संपन्न
बेंगलूरु. कुमारा पार्क स्थित भंडारी निवास पर शनिवार को साध्वी संयमलता, साध्वी अमितप्रज्ञा, कमलप्रज्ञा, सौरभप्रज्ञा आदि ठाणा 4 के सान्निध्य में मुनि सुव्रत स्वामी का जप संपन्न हआ। शनिवार को विहार सेवा में राजाजीनगर श्रावक संघ, युवा मंडल, जैन मित्र मंच, यशवंतपुर, दासरहल्ली, मल्लेश्वरम आदि क्षेत्र से युवाओं ने लाभ लिया।
मुनि की सीख : वाणी में रखें मिठास
मैसूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ में विराजित श्रुत मुनि ने कहा कि सदा खुश रहो।
जीवन में हमेशा तीन बातों पर ध्यान देना जरूरी है। चेहरे पर हमेशा मुस्कान होनी चाहिए, शब्द एवं वाणी में हमेशा मिठास होनी चाहिए। शनिवार को विहार में सिद्धार्थनगर जैन युवा संघ के सदस्यों ने सेवा दी।
डामरीकरण की मांग पर प्रदर्शन
मण्ड्या. श्रीरंगपट्णा तहसील क्षेत्र के महादेवपुर से मेलापुर गांव तक डामरीकरण नहीं करने पर आसपास के ग्रामीणों ने शनिवार को करीब एक घंटे प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 4 किमी सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। बारिश के दिनों में गड्ढों में पानी भरने से वाहन चलना मुश्किल हो रहा है। गोपाल ने बताया कि डामरीकरण के लिए पंचायत अधिकारियों व अन्य संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी समाधान नहीं निकला। प्रदर्शन में श्रीकंठय्या, तमण्णा, लिगेगौड़ा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। प्रदर्शन के चलते जाम के हालात बन गए।